रांचीः झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के 82वीं जयंती पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। रांची, खूंटी और रामगढ़ के 5000 छात्र-छात्रा इस कार्यक्रम में शामिल हुए।गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अबतक 2430 छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹200 करोड़ का ऋण प्रदान किया गया है। आज 52 छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ₹200 करोड़ का ऋण उपलब्ध कराया गया। योजना के तहत छात्रों को डिप्लोमा से लेकर PhD तक के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गुरुजी के जन्मदिन पर बोकारो जिला के रामरूद्र मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में मास्टर सोबरेन मांझी जिला पुस्तकालय का उद्घाटन किया जो 24 घंटे खुली रहेगी। पहले चरण में ये पुस्तकालय रात्रि आठ बजे तक संचालित होगा।
हेमंत सोरेन ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को जयंती पर ऐसे किया याद, सोशल मीडिया पर लिखा इमोशनल पोस्ट
छात्रों के बीच गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के सक्रिय क्रियान्वयन पर छात्रों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने गुरुजी के त्याग और बलिदान से छात्रों को अवगत कराया। झारखंड के निर्माण में उनके योगदान को लेकर भी छात्रों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बाबा के आदर्शों और मार्गदर्शन को हमने अपना लक्ष्य बनाया। और उनमें से एक लक्ष्य है कि यहां का हर बच्चा शिक्षित हो। यह तभी संभव है जब यहां बैठे नौजवान इसमें अपनी जिम्मेवारी निभाएंगे।
आप सभी से निवेदन है आप एक कदम चलिए हम आपको 10 कदम आगे लेकर जाएंगे। आप अपना हाथ आगे बढ़ाइए, आपका हाथ पकड़ कर हम आपको आपकी मंजिल तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
हम लोग आदरणीय गुरु जी के सिपाही हैं। जब उन्होंने कहा था कि राज्य अलग करेंगे। तो लोग उनकी हंसी उड़ाते थे। धीरे-धीरे इनका संकल्प इस कदर बदला कि पूरे राज्य से आवाज आने लगी-कैसे लेंगे झारखण्ड, लड़ कर लेंगे झारखण्ड और आखिरकार झारखण्ड हमने लिया।
अब इस युवा झारखण्ड को सजाना-संवारना है, आने वाली पीढ़ी को बेहतर राह दिखाना है। इसलिए हमें पढ़ना है और आगे बढ़ना है।
हमारी भावना है कि इस राज्य का विकास तभी हो सकता है जब गांव-गांव में नौजवान शिक्षित हों और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ सकें। हमारा ग्रामीण क्षेत्र मजबूत होगा, तभी राज्य और देश मजबूत हो सकता है। क्योंकि कोई भी पेड़ तभी मजबूत हो सकता है जब उसकी जड़ें मजबूत होंगी। हम आज उस जड़ को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
पैसे के अभाव में हमारे होनहार बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण करने में पीछे रह जाते हैं। हम आपको आज सिर्फ सरकारी नौकरी के भरोसे नहीं खड़ा करना चाहते। हम आपको उस स्थिति में लाना चाहते हैं ताकि देश दुनिया की कोई भी स्पर्धा हो आप उसमें अव्वल आएं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि आज का यह दिन झारखण्ड प्रदेश और यहां के किसान मजदूर, गरीब, आदिवासियों-मूलवासियों के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। आज के ही दिन आदरणीय शिबू सोरेन जी का जन्म हुआ था। यह पहला अवसर है जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी हम लोगों के बीच में नहीं हैं लेकिन मुझे लगता है कि उनका योगदान, उनका त्याग, उनके बलिदान, उनके विचार आज भी जीवंत हैं, वे हमारे बीच नहीं होकर भी हम सबके बीच हैं। इस दिवस पर विशेषकर नई पीढ़ी को यहां देख कर और आप लोगों से संवाद करने का अवसर मुझे मिल रहा है। जब अमीरी या गरीबों की खाई बढ़ती है तो एक टकराव की स्थिति बनती है और यही समय था जब इस राज्य में महाजनों का प्रकोप चरम पर था। ऐसे में जो पढ़े लिखे नहीं थे उनके लिए समय अनुकूल नहीं था। इसलिए शिक्षित होना कितना अनिवार्य है। हम लोगों के जो अग्रणी लोग रहे हैं उन लोगों ने हमेशा से प्रयास किया बच्चों को शिक्षित करने के लिए। इसलिए शिक्षा का होना हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।


