पुरानी पेंशन योजना जल्द  , विधायक मद की राशि 4 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए होगीः मुख्यमंत्री

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जल्द ही पुरानी पेंशन योजना लागू करने  का भरोसा दिलाते हुए विधायक मद की राशि चार करोड़ रुपया से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपयें करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन अपने समापन संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार की कोयला कंपनियों पर राज्य सरकार का एक लाख 36हजार करोड़ रुपये का बकाया है। उन्होंने कहा कि बकाया राशि की जल्द वसूली की जाएगी और केंद्र सरकार की कंपनियां बकाया भुगतान नहीं करती है तो राज्य से बाहर जाने वाली खनिज संपदा को रोक दिया जाएगा, ताला लगा दिया जाएगा।  स्थानीयता नीति के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज सरकार खतियान का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि जो भी कानून बनेगा वह राज्य के जनमानस और जन भावना के अनुरूप होगा। उन्होंने बताया कि 2005 में भी सर्वे का काम हुआ है जबकि इससे पहले 1911, 1918 ,1932 ,1934 और 1993 में भी सर्वे का काम हुआ है। इनमें से किस खतियान को छोड़ा जाए और कैसे पकड़ा जाए किस का फैसला सदन को तय करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हमेशा हक और अधिकार के लिए लड़ने और मर मिटने की बात करते रहे हैं ऐसे में जब मौका मिला है तो इसे हाथ से जाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति के मसले पर समग्र चिंतन की जरूरत है और राज्य के अंदर समन्वय बनाकर जन भावना के अनुरूप और वैधानिक पहलुओं को ध्यान में रखकर कोई भी फैसला लिया जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न सर्वे का अध्ययन करने के बाद और लोगों की भावना जानने के बाद ही व्यापक सहमति बनाकर राज्य सरकार आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेतरहाट की तर्ज पर राज्य में 3 नए विद्यालय की स्थापना करने की भी घोषणा की उन्होंने कहा कि पारा शिक्षकों को अब सहायक अध्यापक का दर्जा दिया जा चुका है और अब वह सामान की जिंदगी जी सकेंगे। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की संख्या सात लाख से बढ़ाकर 35 लाख करने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक ऐसा पहला राज्य है जो 18 वर्ष की विधवा को भी पेंशन योजना का लाभ दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उनकी सरकार ने हो, मुंडारी ,उरांव, कुड़ुख भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव पारित कर भेजा। इसी तरह से सरना धर्म कोड लागू करने का भी प्रस्ताव भेजा गया लेकिन केंद्र सरकार में इसका क्या हाल हुआ यह भाजपा विधायकों को बताना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास कई ऐसे दस्तावेज भी है जिसमें यह पता चलता है कि पूर्ववर्ती सरकार में किस तरह से अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नियम कानून की अनदेखी की गई इन सारे विषयों की जांच चल रही है।
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