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नीतीश कुमार को ये क्या हो गया है, रावण दहन कार्यक्रम में किया बच्चों सी हरकत! चलने से पहले ही तीर हो गया फुस्स

नीतीश कुमार को ये क्या हो गया है, रावण दहन कार्यक्रम में किया बच्चों की हरकत! चलने से पहले ही तीर हो गया फुस्स

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को दशहरे के मौके पर गांधी मैदान में रावण दहन और रामलीला कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होने तीर से धनुष चलाकर सांकेतिक रूप से रावण दहन किया। नीतीश कुमार द्वारा चलाया गया तीर तो निशाना पर नहीं ही पहुंचा लेकिन जिस हरकत के साथ उन्होने ये किया वो कैमरें में कैद हो गया।

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तीर चलाने से पहले नीतीश कुमार पहले अगल बगल देखते है फिर उसके बाद जब इशारा होता है कि तीर चलाना है तो वो बच्चों की हरकत करते हुए तीर-धनुष को नीचे फेंकते नजर आते है। उनके बगल में खड़े बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर जब उनसे पूछा तो उन्होने इशारें में कह दिया कि नीचे फेंक दिया और मुस्कुरातें हुए पीछे बैठने चले गए।

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जब मंच पर ये सब हो रहा था तो उस समय बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा तो मौजूद थे ही विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव और सांसद रविशंकर प्रसाद भी बगल में ही खड़े थे। किसी ने नीतीश कुमार की इस हरकत पर ध्यान नहीं दिया लेकिन कैमरें में ये पूरी हरकत कैद हो गई।

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नीतीश कुमार के व्यवहार और उनके गतिविधियों को लेकर पिछले कुछ दिनों से सवाल उठते रहे है, खासतौर पर विपक्ष इस मामले में पुरजोर तरीके से उठाते रहा है। इससे पहले 7 अक्टूबर को ग्रामीण विकास विभाग के बड़े कार्यक्रम में जिसमें कि मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग पर महज 9 मिनट पर खत्म कर दिया था। जिसको लेकर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा था कि आज मुख्यमंत्री जी ने अपने आवास में ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत हजारों करोड की विभिन्न योजनाओं संबंधित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार और विज्ञापन में सरकार ने करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए। वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी कार्यक्रम से जुड़े थे।
लेकिन मुख्यमंत्री के बिना एक शब्द बोले महज 𝟗 मिनट में ही कार्यक्रम खत्म कर दिया गया।अतिथि और बाकी मंत्री बिना चाय पिए और एक शब्द बोले वापस चले गए। आशा करते है कि सब सही और स्वस्थ है? मुख्य सचिव कार्यक्रम में थे नहीं या बुलाया नहीं गया था?अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के बोलने पर पाबंदी लगा दी है। मीडिया और पब्लिक से संवाद खत्म करा दिया है। जो कार्यक्रम होगा, 𝐂𝐌 के घर में ही होगा और स्थायी चुनिंदा अधिकारी ही रहेंगे।

 

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