देवघरः श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ मंदिर में वीवीआईपी दर्शन और गर्भगृह में प्रवेश पर रोक रहती है। रोजाना लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यानाथ मंदिर के गर्भ गृह से जुड़े अरघा में जल डालते है। पिछले कई सालों से चली आ रही परंपरा को स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे ने भोजपुरी अभिनेता और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के लिए तोड़ दिया। मनोज तिवारी के गर्भ में प्रवेश को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
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दसअसल, मनोज तिवारी सुल्तानगंज से देवघर की 105 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा करके शनिवार को देवघर पहुंचे। दुम्मा बॉडर पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी इस यात्रा में शामिल हुए। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के नियम को देखते हुए मनोज तिवारी को जलार्पण मंदिर में लगे अरघा में अर्पित करना था लेकिन जब वो मंदिर परिसर तो मंदिर में आम लोगों के लिए दर्शन बंद हो गये थे। ऐसे में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर बीजेपी सांसद को वीवीआईपी दर्शन कराया गया।
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पंडा धर्मरक्षिणी महासभा के पूर्व महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निशिकांत दुबे ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर मंदिर परिसर में अव्यवस्था का आलम कायम करते हुए भारी विरोध के बावजूद मनोज तिवारी को वीवीआईपी दर्शन कराया गया। इस संबंध में वीडियो भी सामने आया है जिसमें मनोज तिवारी निकास द्वार से मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश करते नजर आ रहे है।
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कार्तिक नाथ ठाकुर ने कहा कि निशिकांत दुबे बार-बार नियमों को तोड़ते है। उन्होने मनोज तिवारी को निकास द्वार से प्रवेश के रोक के वाबजूद इंट्री कराया। यही नहीं मंदिर में बाबा को जलार्पण जब बंद हो गया था, पंडा समाज के लोग भी पूजा कर चुके थे काचा जल जो सबसे अंत में बाबा को अर्पित किया जाता है वो हो चुका था इसके बावजूद मनोज तिवारी को वीवीआईपी दर्शन कराया गया वो भी निकास द्वार से, इसको लेकर वहां मौजूद कांवरियों ने विरोध दर्ज कराया फिर भी बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को वीवीआईपी दर्शन कराया गया है।
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सावन महीने में मंदिर में किसी भी वीवीआईपी के गर्भ गृह जाने पर रोक रहती है। दो दिन पहले राष्ट्रपति द्रोपर्दी मुर्मू और राज्यपाल संतोष गंगवार भी देवघर पहुंचे थे। मंदिर प्रबंधन के नियम को मानते हुए ये दोनों विशिष्ठ नागरिक होने के बावजूद मंदिर में वीवीआईपी दर्शन करने नहीं गए। ऐसा अमूमन होता नहीं है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल या मुख्यमंत्री देवघर जाए और बाबा मंदिर में दर्शन नहीं करें। लेकिन सावन में वीवीआईपी दर्शन पर पूर्णतः रोक रहती है इसलिए ये उस व्यवस्था को बनाये रखते हुए मंदिर में वीवीआईपी दर्शन करने नहीं गए। लेकिन बीजेपी सांसद मनोज तिवारी नियमों को तोड़ते हुए मंदिर के गर्भगृह में गए वो भी उस समय जब बाबा बैद्यनाथ को काचा जल अर्पित हो चुका था।
देवघर में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने किया VVIP दर्शन
रोक के बावजूद निकास द्वार से कराया गया प्रवेश
सांसद निशिकांत दुबे पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर VVIP दर्शन कराने का आरोप@ManojTiwariMP @DCDeoghar @JmmJharkhand @kumarsudivya @JmmJharkhand @BJP4Jharkhand @INCJharkhand_… pic.twitter.com/ml86qLAX0n
— Live Dainik (@Live_Dainik) August 3, 2025
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कई बार ऐसी स्थिति में वीवीआईपी दर्शन अव्यवस्था और अनहोनी का कारण बन जाता है। पिछले महीने जगन्नाथपुरी में रथ यात्रा के दौरान ऐसे ही वीवीआईपी दर्शन से भगदड़ की स्थिति बन गई और कई श्रद्धालुओं की जान चली गई। हालांकि मनोज तिवारी द्वारा बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में वीवीआईपी दर्शन किये जाने को लेकर देवघर प्रशासन की ओर से कोई जानकारी या कार्रवाई किये जाने की सूचना अभी तक नहीं मिली है। पंडा समाज के लोगों में सांसद ने जिस तरह से अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके मनोज तिवारी को वीवीआईपी दर्शन कराया उसको लेकर आक्रोश है। यहीं नहीं 105 किलोमीटर की लंबी कांवर यात्रा करके पहुंचे कांवरियों को जब मनोज तिवारी के वीवीआईपी दर्शन की जानकारी मिली तो उनके अंदर इस बात को लेकर नाराजगी हुई कि आखिर एक सांसद के लिए क्यों वीवीआईपी दर्शन पर रोक के नियम को बदल दिया गया।


