नाराज विधायकों से मिलने के मूड में नहीं कांग्रेस आलाकमान, मंत्रियों को हटाने की मांग पर अड़े विधायकों का नहीं ले रहा है कोई नोटिस

रांची : झारखंड में हुए चंपाई सोरेन सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर नाराज चल रहे कांग्रेस के विधायकों ने पिछले दो दिनों से दिल्ली में डेरा जमा रखा है। कांग्रेस कोटे से बने चार मंत्रियों को हटाने की मांग पर अड़े कांग्रेस के विधायक अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे या फिर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात का इंतजार दो दिनों से कर रहे है लेकिन आलाकमान उनको नोटिस लेने को तैयार नहीं है।
रविवार को प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कांग्रेस के नाराज विधायकों के साथ बैठक की थी, सभी विधायकों के साथ वन टू वन मीटिंग के बाद उन्होने सभी विधायकों को वापस रांची लौटने को कहा। उन्होने कहा कि वो पार्टी आलाकमान तक उनका संदेश पहुंचा देंगे, उनकी जो जायज मांगे है उसपर पार्टी नेतृत्व जरूर विचार करेगा।
कांग्रेस नेतृत्व इस मामले को प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर और सह प्रभारी उमंग सिंघार तक ही निपटाना चाहता है। रविवार को इन दोनों ने नाराज विधायकों से बात की थी और उन्हे वापस लौटने को कहा था लेकिन विधायक पार्टी आलाकमान से मुलाकात की जिद्द पर अड़े हुए है। नाराज विधायक जो दिल्ली गए है उनकी संख्या अब 10 तक जा पहुंची है। झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह भी दिल्ली पहुंच गई है। विधायक प्रदीप यादव, शिल्पी नेहा तिर्की और नमन विक्सल कोंगाड़ी अभी तक दिल्ली नहीं गए है। इन विधायकों के दिल्ली नहीं जाने को नाराज विधायकों में टूट के नजरिये से भी देखा जा रहा है। दिल्ली में जमे नाराज विधायकों ने कहा है कि वो पार्टी आलकमान तक मंत्रियों के परफॉरमेंस पहुंकर और आलाकमान के अंतिम निर्णय के बाद ही रांची लौटेंगे या फिर आगे की रणनीति पर कोई फैसला लेंगे। हम सभी विधायक एकजुट है और आगे क्या कदम उठाएंगे वो जल्द ही बताएंगे।

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