पटनाः विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी खुद बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। साथ ही वे अपने परिवार से पत्नी और भाई को भी चुनाव लड़ाएंगे। इसके संकेत उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में दिए। सहनी ने केंद्रीय मंत्री एवं हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतनराम मांझी का उदाहरण देते हुए बताया कि राजनीति में परिवारवाद क्यों जरूरी है। सहनी खुद किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, इसकी घोषणा अभी नहीं की है।उन्होने बिहार की राजनीति में जीतन राम मांझी के मॉडल अपनाने की बातें कही।
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यूट्यूब चैनल बिहार तक से बातचीत में मुकेश सहनी ने कहा कि उनके परिवार में बहुत ज्यादा लोग नहीं हैं। मगर आगामी विधानसभा चुनाव में परिवार के कुछ सदस्य मैदान में उतर सकते हैं। सहनी ने अपनी पत्नी और भाई के चुनाव लड़ने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि वीआईपी को (महागठबंधन में) पर्याप्त सीटें मिलेंगी। इसलिए परिवार के सदस्यों को उतारने के बाद भी बहुत सी सीटें बचेंगी, जिनपर अन्य प्रत्याशियों को टिकट दिया जाएगा।
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मांझी परिवारवाद से ही टिके हुए हैं- सहनी
इंटरव्यू में मुकेश सहनी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी परिवारवाद के कारण ही राजनीति में टिके हुए हैं। उनके बेटे और अन्य सदस्य राजनीति में नहीं तो उनके सभी विधायक उड़ जाते। वीआईपी चीफ ने कहा, “पिछली बार (2020 में) हमने दूसरों पर भरोसा किया, मगर वे बिक गए। हमारे परिवार के लोग रहेंगे तो नहीं बिकेंगे। एक आदमी की अर्थी को कंधा देने के लिए चार लोगों की जरूरत पड़ती है। अपने लोग, रिश्तेदार होंगे तो कम से कम टिके रहेंगे। घर से बेदखल नहीं होंगे।”




