वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ पर मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित, चुनाव आयोग करेगा फोन जमा करने का इंतजाम, जानिए कितनी दूरी पर करना होगा ऑफ

mobile phone ban in polling booth

दिल्लीः चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि आने वाले दिनों जब वोटिंग होगी तो लोग अपना मोबाइल फोन लेकर पोलिंग बूथ के अंदर नहीं जा सकेंगे । भारत निर्वाचन आयोग के इस नए निर्णय के अनुसार मतदान केन्द्र के 100 मीटर के अन्दर केवल मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी, वह भी बंद अवस्था में। मतदान केन्द्र के प्रवेश द्वार के पास बहुत ही साधारण पिजनहोल बॉक्स या जूट के बैग उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां मतदाताओं को अपने मोबाइल फोन जमा कराने होंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त  ज्ञानेश कुमार का निर्देश

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में  झारखंड सहित अन्य राज्यों के चुनावों से जुड़े विभिन्न स्टेक होल्डर्स के साथ भारत निर्वाचन आयोग का लगातार एक्सपेरिएंस शेयर हेतु कार्यक्रम किए जा रहे है। इसी के क्रम में अन्य राज्यों के पदाधिकारियों के साथ झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  के. रवि कुमार एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार भी नई दिल्ली में आयोजित चुनाव आयोग की बैठक में भाग लिया ।

मोबाइल कराना होगा जमा

बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने और मतदान दिवस की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से विभिन्न पहलों के अनुरूप, चुनाव आयोग ने मतदान केन्द्रों के ठीक बाहर मतदाताओं के लिए मोबाइल डिपॉज़िट सुविधा प्रदान करने और प्रचार के मानदंडों को युक्तिसंगत बनाने के लिए दो और व्यापक निर्देश जारी किए हैं।

मतदान केंद्र के बाहर जमा होगा मोबाइल

ये निर्देश लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और निर्वाचन संचालन नियम, 1961 के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुरूप हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मोबाइल फोन के बढ़ते कवरेज और उपयोग तथा मतदान के दिन न केवल आम मतदाताओं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं द्वारा मोबाइल फोन के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों को देखते हुए, आयोग ने मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल जमा करने की सुविधा देने का निर्णय लिया है।

100 मीटर के दायरे में मोबाइल को रखना होगा ऑफ

भारत निर्वाचन आयोग के इस नए निर्णय के अनुसार मतदान केन्द्र के 100 मीटर के अन्दर केवल मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी, वह भी बंद अवस्था में। मतदान केन्द्र के प्रवेश द्वार के पास बहुत ही साधारण पिजनहोल बॉक्स या जूट के बैग उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां मतदाताओं को अपने मोबाइल फोन जमा कराने होंगे। मतदाता को मतदान केन्द्र के अन्दर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। हालाँकि, रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रतिकूल स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ मतदान केंद्रों को इस प्रावधान से छूट दी जा सकती है।

निर्वाचन संचालन नियम, 1961 के नियम 49एम, जो मतदान केन्द्र के भीतर मतदान की गोपनीयता सुनिश्चित करता है, का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके अलावा, चुनाव के दिन सुविधा में सुधार लाने के उद्देश्य से, आयोग ने चुनावी कानूनों के अनुरूप मतदान केन्द्र के प्रवेश द्वार से 100 मीटर की दूरी तक प्रचार के लिए अनुमेय मानदंडों को युक्तिसंगत बनाया है।

100 मीटर दूरी पर मिलेगी पर्ची

हालाँकि, मतदान के दिन मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार की अनुमति नहीं होगी। इसलिए, यदि मतदाता अपने साथ आयोग द्वारा जारी आधिकारिक मतदाता सूचना पर्चियां (वीआईएस) नहीं लेकर आते हैं, तो मतदान के दिन उम्मीदवारों द्वारा मतदाताओं को अनौपचारिक पहचान पर्चियां जारी करने के लिए स्थापित किए जाने वाले बूथ अब किसी भी मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर स्थापित किए जा सकते हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में भारत का चुनाव आयोग, चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ, कानूनी ढांचे के अनुसार सख्ती से चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही मतदाताओं के लिए सुविधाओं में सुधार के लिए निरंतर नवाचार भी कर रहा है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now