रांचीः झारखंड कांग्रेस में सब कुछ सही नहीं चल रहा है। कांग्रेस के अंदर चल रही खटपट पर सार्वजनिक मंच पर होने लगी है। झारखंड सरकार में मंत्री और कांग्रेस विधायक राधा कृष्ण किशोर ने प्रदेश प्रभारी के राजू के खिलाफ मोर्चा खोला दिया है। पिछले दो दिनों से लगातार राधा कृष्ण किशोर सोशल मीडिया पर आकर कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को चुनौती दे रहे है।
पहले मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकार कि पिटाई मामले में इरफान के समर्थन में खुलकर बयान दिया और पत्रकारों को ही दोषी ठहरा दिया। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की नई जंबो कमेटी पर निशाना साधा यही नहीं पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से निकाले जाने और रांची की पूर्व मेयर रमा खलखो को कमेटी में शामिल किये जाने पर सवाल उठाये। अब मंगलवार को राधा कृष्ण किशोर एक के बाद एक सात बिंदुओं पर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को घेरने की कोशिश की।
राधा कृष्ण किशोर के सवाल से गठबंधन पर होगा असर!
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू को लिखे गए पत्र में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर घेराबंदी करते हुए लिखा कि राज्य स्तर पर मुद्दा नहीं बनाया गया और कांग्रेस भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर दी गई। जेटेट में में मगही और भोजपुरी विषय को शामिल नहीं करने जैसे महत्वपूर्ण विषय पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी। अनुसूचित जाति परामर्शदात्री परिषद और अनुसूचचित जाति आयोग के पुनजीवित करने की मांग पर कांग्रेस नेतृत्व का मौन होना। इसके साथ ही हजारीबाग के विष्णुगढ़ में नाबालिग बच्ची के साथ बलाकात्कार के मामले में कांग्रेस प्रदेश कमिटी से किसी नेता के हजारीबाग नहीं जाने और हजारीबाग में तीन अल्पसंख्यकों की निर्मम हत्या पर प्रदेश नेतृत्व द्वारा कोई एक्शन नहीं लेने को लेकर सवाल उठाये।

स्वास्थ्य लाभ के बाद राधा कृष्ण किशोर जिस तरह से प्रद्रेश कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठा रहे है वो बताता है कि उनके सवाल कहीं न कहीं गठबंधन को भी असहज करता नजर आ रहा है। योगेंद्र साव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तल्ख बयान को लेकर कार्रवाई की गई, मंत्री अब उसका बचाव करते नजर आ रहे है। मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा चतरा विमान हादसे पर सवाल पूछने वाले पत्रकार की पिटाई के मामले में वो इरफान का पक्ष लेते नजर आ रहे है, जबकि गठबंधन की ओर से किसी नेता ने इरफान का खुलकर समर्थन नहीं किया। जिस चतरा विमान हादसे पर सवाल पूछने पर इरफान के समर्थकों ने पत्रकार कि पिटाई कर दी, उसी हादसे के पीड़ित से मुख्यमंत्री शाम में मुलाकात कर मदद का भरोसा देते है। जेटट में मगही और भोजपुरी को शामिल नहीं करना कैबिनेट का फैसला था जिसके प्रमुख मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन है। ऐसे में राधा कृष्ण किशोर जिन मुद्दों को उठा रहे है वो कहीं न कहीं गठबंधन में खलबली करने वाले मुद्दे है, ऐसे में इसका गठबंधन पर क्या फर्क पड़ेगा आने वाले समय में पता चलेगा।



