रांचीःप्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। तबीयत खराब होने की वजह से उसे रिम्स में भर्ती कराया गया था। प्रशांत बोस बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद था। 80 वर्षीय प्रशांत बोस उर्फ किशन दा उर्फ मनीष उर्फ बूढ़ा उर्फ निर्भय मुखर्जी उर्फ काजल उर्फ महेश को 12 नवंबर 2021 को सरायकेला से उनकी पत्नी शीला मरांडी के साथ गिरफ्तार किया गया था।
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झारखंड पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी 12 नवंबर 2021 को सरायकेला-खरसांवा जिले में गिद्दिबेड़ा टोल प्लाजा से चेकिंग के दौरान की थी। उसके साथ उसकी पत्नी शीला मरांडी भी गिरफ्तार हुई थी।प्रशांत बोस मूल रूप से पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के जादवपुर स्थित 7/12 सी विजयगढ़ कालोनी का निवासी था। गुरुवार की रात करीब चार बजे उसने जेल में अंतिम सांस ली। शुक्रवार की सुबह जेल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया।
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प्रशांत बोस माओवादियों का देश का दूसरा सबसे बड़े नेता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में 200 से अधिक नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड था। उसके नेतृत्व में कई बड़े हमले और संगठनात्मक निर्णय लिए गए, जो नक्सली गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते थे वह इन राज्यों में भाकपा माओवादियों के गुरिल्ला आर्मी का नेतृत्व करता था। वर्ष 2004 से पहले वह माओवादियों के प्रमुख बन गया था।


