झारखंड में GST घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई, ED ने की15.41 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां जब्त

झारखंड में GST घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई, ED ने की15.41 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां जब्त

रांचीः झारखंड में जीएसटी घोटालेे को लेकर ईडी ने कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी के रांची क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत कोलकाता और हावड़ा में 15.41 करोड़ रुपये मूल्य की 10 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।

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ईडी ने दी जानकारी
ईडी के द्वारा जारी किए गए प्रेस रिलीज में यह बताया गया है कि कुर्क की गई संपत्तियां बड़े पैमाने पर जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंडों में से एक अमित गुप्ता और उसके सहयोगियों की हैं। एजेंसी के अनुसार ईडी ने जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई), जमशेदपुर द्वारा शिव कुमार देवड़ा, अमित गुप्ता, सुमित गुप्ता और अमित अग्रवाल उर्फ ​​विक्की भालोटिया के नेतृत्व वाले एक आपराधिक गिरोह के खिलाफ दर्ज कई शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की थी।

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ईडी की जांच से पता चला कि आरोपी मास्टरमाइंडों ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में 135 फर्जी कंपनियों का एक नेटवर्क बनाकर और उसका संचालन करके एक परिष्कृत धोखाधड़ी को अंजाम दिया। सिंडिकेट की कार्यप्रणाली में बिना किसी वास्तविक आपूर्ति के फर्जी जीएसटी चालान जारी करना शामिल था। जिससे धोखाधड़ी से 734 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) तैयार किया गया और उसे आगे बढ़ाया गया।इस धोखाधड़ी वाले आईटीसी को फिर कमीशन के लिए विभिन्न अंतिम-उपयोगकर्ता संस्थाओं को बेच दिया गया। जिन्होंने इस अवैध क्रेडिट का इस्तेमाल अपनी वैध जीएसटी देनदारियों से बचने के लिए किया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

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करोड़ों का घोटाला उजागर
जांच से पता चला है कि सिंडिकेट ने इस आपराधिक गतिविधि से लगभग 67 करोड़ रुपये का कमीशन कमाया, जो अपराध की आय (पीओसी) का गठन करता है। मुख्य वित्तीय प्रबंधक के रूप में कार्यरत अमित गुप्ता ने कई अचल संपत्तियों को अर्जित करके इस अवैध आय को वैध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच में यह भी पता चला कि डीजीजीआई द्वारा जांच शुरू करने के बाद अमित गुप्ता ने इन संपत्तियों को अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों को हस्तांतरित करके जानबूझकर छिपाने का प्रयास किया।

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इससे पहले ईडी ने 08.05.2025 को तलाशी अभियान चलाया था। जिसके परिणामस्वरूप मुख्य मास्टरमाइंड शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा, अमित गुप्ता और अमित अग्रवाल उर्फ ​​विक्कीभालोटिया को गिरफ्तार किया गया था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ माननीय विशेष पीएमएलए कोर्ट, रांची में अभियोजन शिकायत दर्ज कर ली है। जिसने अपराध का संज्ञान ले लिया है।इसके अतिरिक्त 03.07.2025 को एक पूर्व अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया गया था। जिसमें सिंडिकेट प्रमुख शिव कुमार देवड़ा की 5.29 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी।15.41 करोड़ रुपये की संपत्ति की वर्तमान कुर्की, पीओसी का पता लगाने और उसे कुर्क करने के चल रहे प्रयासों का एक हिस्सा है। आगे की जांच जारी है।

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