डेस्कः धर्मांतरण गैंग के चंगुल से मुक्त हुई झज्जर (हरियाणा) की महिला डॉक्टर के साथ रेप भी हुआ था। पीड़िता आगरा पुलिस के पास है। उसके भी कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। जयपुर के जुनैद कुरैशी ने उसे जाल में फंसाया। पीड़िता ने आपबीती सुनाई तो धर्मांतरण गैंग का एक और चेहरा सामने आया। मूलत: झज्जर (हरियाणा) निवासी 25 वर्षीय युवती ने ओडिशा से होम्योपैथी में बैचलर डिग्री ली थी है।
पीड़िता का ब्रेनवॉश संभव नहीं था। उसे गीता का ज्ञान है। डॉक्टरी की पढ़ाई के साथ उसका जॉब करने का भी मन था। उसने ऑनलाइन जॉब करना सर्च किया। इस दौरान वह आयशा के संपर्क में आ गई। वह डेटा साइंटिस्ट के लिए क्या कोर्स करना होगा, यह सर्च कर रही थी। आयशा ने उसकी पहचान जयपुर के जुनैद से करा दी। दोनों का एक ग्रुप बना दिया। कहा कि जुनैद इस काम में उसकी मदद करेगा। जुनैद ने उसका ब्रेनवॉश करने का प्रयास किया मगर वह कामयाब नहीं हुआ। जुनैद ने उससे अपना सच छिपाया था।
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युवती पढ़ाई पूरी होने के बाद अपने घर झज्जर जा रही थी। जुनैद को यह जानकारी थी। जुनैद कुरैशी ने उससे मिलने के लिए बोला। उसने हां कर दी। जुनैद दिल्ली आ गया। बहाने से उसे काजी के घर ले गया। वहां उसका धर्मांतरण करा दिया। वह महज पांच मिनट काजी के घर में रुकी। बाहर निकलकर जुनैद ने उससे कहा कि वह उसकी बेगम बन गई है। हमारा निकाह हो गया है। उसने भी हां बोला था। यह सुनकर युवती के पैरों तले जमीन खिसक गई।
आरोप है कि जुनैद उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। उस पर मिलने का दबाव बनाने लगा। फिर उसके साथ दुराचार किया। उसके बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। उसे ब्लैकमेल करता रहा। महिला डॉक्टर उसके चंगुल से निकलने के लिए लगातार प्रयासरत थी। आगरा पुलिस ने संपर्क किया तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। वह अपने पिता के साथ आगरा आई।
पीड़ित महिला डॉक्टर के पिता ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। पढ़ाई के लिए 10 हजार रुपये महीने बेटी को भेजते थे। बेटी पिछले कुछ माह से परेशान थी मगर बताती कुछ नहीं थी। अब हकीकत पता चली है। वह भी आरोपित को सजा दिलाना चाहते हैं। पुलिस आरोपित जुनैद कुरैशी के खिलाफ केस में दुराचार की धारा बढ़ा सकती है। साथ ही पुलिस आयशा को दुराचार के आरोप में आपराधिक साजिश का आरोपित बनाएगी।
जयपुर निवासी जुनैद कुरैशी पुलिस की पहली दबिश में पकड़ा गया था। आगरा पुलिस के कब्जे में है। पुलिस ने उसे भी 10 दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया था। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि तीन से चार आरोपियों की कस्टडी रिमांड बढ़ाने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। शेष आरोपियों को पुलिस जेल भेजा जाएगा।




