रांचीः झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर मंगलवार को CID और रांची पुलिस ने JPSC ऑफिस सहित आठ जगह छापेमारी की। टीम ने परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के ठिकानों को भी खंगाला। फिर जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और डेटा एंट्री , प्रोग्रामिंग व परीक्षा मैनेजमेंट से जुड़े आठ लोगों को हिरासत में ले लिया। टीडीपीएल के ऑफिस को भी सील कर दिया गया। इसी बीच मंगलवार देर शाम जेपीएससी के चेयरमैन एल ख्यांगते ने इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।मंगलवार देर रात तक इस मामले में कार्रवाई होती रही। छापेमारी की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकी कहा था कि न्याय केवल होना नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ भी दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री के पास जब गड़बड़ी को लेकर शिकायत पहुंची उसके बाद से इस मामले में लगातार कार्रवाई हो रही है।
JSSC ने टीडीपीएल कंपनी को काली सूची में डाला था
20 मई 2025 को परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर जेएसएससी ने टीडीपीएल कंपनी को काली सूची में डाल दिया था। लेकिन उसके बाद भी यह एजेंसी जेपीएससी में न केवल परीक्षाओं का संचालन कर रही थी, बल्कि सभी आठ तरह के संवेदनशील काम यही कर रही थी। जबकि इससे पहले परीक्षा में अलग-अलग एजेंसियों से अलग-अलग काम लिये जाते थे।
JPSC अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
इधर छापेमारी के बीच जेपीएससी अध्यक्ष एल खिंयांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा है। हालांकि लोकभवन ने अब तक इस्तीफा देने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। 1988 बैच के आइएएस एल खियांग्ते राज्य के मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद 27 फरवरी 2025 को जेपीएससी में अध्यक्ष के पद पर योगदान दिया था। बताया जाता है कि आयोग में किसी काम की भनक तक अध्यक्ष एल खिंयांग्ते व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के अलावा किसी को नहीं लग रही थी।
सबूतों को खंगाल रही टीम
छापेमारी टीम ने कई दस्तावेजों के अलावा डिजिटल उपकरण और हार्ड डिस्क आदि भी जब्त किये हैं। छापेमारी टीम के सदस्य जब्त सबूतों को खंगालने में जुटे हैं। राज्य सरकार को जेपीएससी के एक सदस्य और अन्य लोगों से कई शिकायतें मिली थीं। जिसके बाद सरकार के निर्देश पर सीआइडी ने अपने थाना में प्राथमिकी दर्ज कर यह कार्रवाई शुरू की। सीआइडी की यह कार्रवाई अभी जारी रहेगी।
तबादले के डेढ़ माह बाद भी श्वेता गुप्ता ने जेपीएससी क्यों नहीं छोड़ा
सीआइडी की छापेमारी के बीच इस बात की चर्चा रही कि जब जेपीएएसी की परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता का करीब डेढ़ माह पहले ही तबादला हो गया था, तो वह जेपीएससी आना-जाना क्यों नहीं छोड़ी थी। किसके कहने पर वह वहां आ-जा रही थी।यह भी जांच का विषय है।
यूपी में भी टीडीपीएल काली सूची में, पर जेपीएससी रहा मेहरबान
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अनियमितताओं के बाद टीडीपीएल एजेंसी को काली सूची में डाल दिया था। फिर भी एजेंसी को झारखंड में जेपीएससी ने कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं के संचालन की जवाबदेही दी। यह एजेंसी परीक्षाओं की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, एडमिट कार्ड तैयार करना, प्रश्न पत्रों की छपाई, ओएमआर शीट की स्कैनिंग, उत्तर पुस्तिकाओं की प्रोसेसिंग और रिजल्ट तैयार करने तक के काम में शामिल रही। एजेंसी जेपीएससी द्वारा आयोजित नगर निगम कार्यपालक अभियंता भर्ती परीक्षा, झारखंड स्वास्थ्य सेवा संयुक्त नियुक्ति परीक्षा और झारखंड संयुक्त असैनिक प्रतियोगिता परीक्षा के विभिन्न चरणों में शामिल रही।
टीडीपीएल का मैनेजर जेएसएससी और जेपीएससी की चार परीक्षाओं में रहा सफल
टीडीपीएल कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी पर नगड़ी के एसएस शर्मा ने थाना, सीबीआइ और इडी आदि में शिकायत की गयी थी।आरोप लगा था कि जेपीएससी और जेएसएससी की कई परीक्षाओं में उसने सफलता पायी। इनमें पीजीटीटीसीइ-2023 में रोल नंबर 10309146, जेएसएससी-सीजीएल-2023 में रोल नंबर 1237696 (रैंक-2), एसीएफ (पीटी) परीक्षा 2024 में रोल नंबर 24300086, एमआरओ (पीटी) परीक्षा 2024 में रोल नंबर 24400147 और एफएसओ लिखित परीक्षा 2023 शामिल हैं।आरोप है कि इसमें आरोपी ने संगठित परीक्षा सिंडिकेट के लिए काम किया।
FRO परीक्षा में 350 से अधिक ओएमआर सीटों पर धांधली के भी आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि वन रेंज अधिकारी (एफआरओ) की 350 से अधिक और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) की 150 से अधिक ओएमआर शीट में हेराफेरी की गयी है। यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उम्मीदवारों से मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, रद्द किये गये चेक, हस्ताक्षरित खाली स्टांप पेपर और हस्ताक्षरित ए-4 शीट एकत्र की हैं।
सहायक वनरक्षक पीटी में ओएमआर शीट खाली छोड़ा, फिर भी सफल रही
आरोप है कि 13 जुलाई 2025 को सहायक वनरक्षक पीटी में एक महिला अभ्यर्थी शामिल हुई थी। लेकिन परीक्षा की ओएमआर शीट में सिर्फ रोल नंबर लिखकर उसने छोड़ दिया। चर्चा रही कि एक होटल में इसकी खाली ओएमआर सीट को भरकर उसे पीटी में पास करा दिया गया।
एल खिंयांग्ते के कार्यकाल की विवादित परीक्षाएं
सिविल सेवा परीक्षा 2025
फॉरेस्ट रेंज अफसर नियुक्ति
सहायक वन संरक्षक नियुक्ति
झारखंड पात्रता परीक्षा
प्रोजेक्ट मैनेजर
सिविल जज (जूनियर डिविजन)
परियोजना प्रबंधक
मेडिकल कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति
एपीपी नियुक्ति
इससे पूर्व भी विवादों में रहा है जेपीएससी
जेपीएससी आरंभ से ही विवादों में रहा है। सिविल सेवा नियुक्ति एक, दो, झारखंड पात्रता परीक्षा, इंजीनियर नियुक्ति, मार्केटिंग अफसर सहित 18 परीक्षाओं की सीबीआइ जांच चल रही है। इसके अलावा सिविल सेवा चौथी, पांचवीं, छठी के साथ-साथ नगर विकास विभाग में कार्यपालक अभियंता नियुक्ति भी विवादों में रही, जिसमें विरोध होने पर आयोग को संशोधित रिजल्ट जारी करना पड़ा। इससे पूर्व सिविल सेवा परीक्षा 2023 में एडहॉक टीचर से मूल्यांकन कार्य कराने का आरोप लगा। वहीं आयोग में ब्लैकलिस्टेड कंपनी से ही आवेदन मंगाने से लेकर रिजल्ट तक जारी करने का मामला सामने आया। इससे पूर्व प्रभात खबर ने ब्लैक लिस्टेट कंपनी से आयोग का कार्य कराने का मामला प्रकाशित किया था, तो कार्मिक विभाग ने आयोग से तीन सवालों पर पूरी जानकारी मांगी थी। जिसमें आयोग ने कंपनी के ब्लैक लिस्टेड होने से साफ इनकार कर दिया था। आयोग की लगभग सभी नियुक्ति परीक्षा का मामला झारखंड उच्च न्यायालय में पहुंचा है।
2024 से शुरू हुई कहानी, अब निर्देश पर CID आयी एक्शन में
जेपीएससी की मौजूदा गड़बड़ी की कहानी साल 2024 में शुरू हुई, जब वहां के परीक्षा नियंत्रक किस्पोट्टा ने टीडीपीएल की गड़बड़ी की जानकारी तत्कालीन अध्यक्ष को दी। लेकिन तब तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक किस्पोट्टा को उनके पद से हटा दिया गया। इसके बाद यहां श्वेता गुप्ता आयीं। श्वेता गुप्ता उप -परीक्षा नियंत्रक के पद पर हैं, पर काम परीक्षा नियंत्रक की ही तरह देखने लगीं।इनके कार्यकाल में परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल का काम ठीक-ठाक चलता रहा। लेकिन मा्मला तब बिगड़ा जब परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंच गयी. जिसमें बताया गया था कि जेपीएससी में एक नेक्सस काम करने लगा है।


