कल्पना सोरेन ने JMM स्थापना दिवस पर भरी हुंकार, तीन पीढ़ियों के संघर्ष को किया याद, कहा-झारखंड संघर्ष व बलिदान की धरती

कल्पना सोरेन ने JMM स्थापना दिवस पर भरी हुंकार, तीन पीढ़ियों के संघर्ष को किया याद, कहा-झारखंड संघर्ष व बलिदान की धरती

गिरिडीहः झारखंड संघर्ष और बलिदान की धरती है। हर दिन यहां संघर्ष की कहानी लिखी जाती है। आने वाले दिनों में कई और संघर्ष करने की जरूरत है। ये बातें गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहीं और मौका था गिरिडीह में जेएमएम के स्थापना दिवस का। उन्होंने संताली भाषा में अपने संबोधन की शुरुआत की और बाद में हिंदी में लोगों को संबोधित किया।

 

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उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक तारीख नहीं है, इस दिन हजारों लोगों के खून बहे और कई लोग अपने परिवार से छूट गये। जल, जंगल और जमीन के लिए तीन पीढ़ियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्ष 20250 तक झारखंड को विकसित, प्रभावशाली और वैश्यिक मंच पर पहचान स्थापति कराने के लिए संकल्पित है। झारखंड के युवाओं को हेमंत दादा के साथ खड़ा रहना है, वह दिन-रात आपकी बेहतरी के लिए सोचते हैं। और उसी दिशा में काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अभी असम के आदिवासी भाई-बहनों की लड़ाई लड़ने के लिए गये हैं।


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अपने संबोधन के दौरान कल्पना सोरेन काफी भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि कठिन समय में झारखंड की जनता ने उनके परिवार का ढाल बनकर साथ दिया है। उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के लोगों ने उन्हें केवल एक बहू के रूप में नहीं, बल्कि अपनी बेटी के रूप में अपनाया और हर मुश्किल घड़ी में सहारा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि, तीसरी पीढ़ी के कंधों पर अब इस महान संघर्ष को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी है।

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कल्पना सोरेन ने बिना नाम लिए विपक्ष पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि, लंबे समय तक सत्ता में रहने वालों ने कभी जनता के वास्तविक विकास पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ‘विजन 2050’ का जिक्र करते हुए बताया कि, सरकार वर्ष 2050 तक झारखंड को एक विकसित और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सर्वजन पेंशन योजना और ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ जैसी योजनाओं को राज्य के शोषित व वंचित वर्गों के लिए गेम-चेंजर बताया।रोजगार के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि, अब राज्य में जेपीएससी (JPSC) और सीजीएल (CGL) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित हो रही हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और सरकार के विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने अंत में दोहराया कि, झारखंड को उसके अधिकार कभी मांगने से नहीं मिले, बल्कि हमेशा संघर्ष से हासिल हुए हैं, इसलिए एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

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