रांचीः स्टाइपेंड में संशोधन की मांग को लेकर पांच मेडिकल कॉलेज (रिम्स को छोड़कर) के जूनियर डॉक्टर छह अप्रैल से हड़ताल पर जायेंगे। यह हड़ताल आईआईएम जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क(IMA JDN) के बैनर तले की जायेगी। इसमें सभी मेडिकल कॉलेज के 800 से अधिक जूनियर डॉक्टर शामिल होंगे। आंदोलन के कारण मेडिकल कॉलेजों की ओपीडी सेवा ठप हो सकती है। हालांकि आईएमए जेडीएन ने इमरजेंसी सेवाएं पूर्व की तरह संचालित होने का आश्वासन दिया है।
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इधर, आईएमए जेडीएन का कहना है कि उन्हें रिम्स जूनियर डॉक्टर ऐसोसिएशन का भी समर्थन मिला हुआ है। वहां से भी हड़ताल में शामिल होने का आश्वासन मिल गया है। जानकारी के अनुसार, एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हजारीबाग, फूलो झानो मेडिकल कॉलेज दुमका और मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 300 इंटर्न डॉक्टर, 250 पीजी डॉक्टर और सीनियर रेजिडेंट 250 जूनियर डॉक्टर हैं। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि रिम्स सहित अन्य राज्य के मेडिकल कॉलेज के अनुरूप स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है।
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आईएमए जेडीएन के सचिव डॉक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रिम्स व अन्य राज्यों में इंटर्न को 30,0000 से 33,000 मिलता है, वहीं राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेज में 17,500 रुपये मिलता है। वहीं पांचों मेडिकल कॉलेज में पीजी डॉक्टरों को 58,000 से 63,000 रुपये मिलते है, जबकि रिम्स में पीजी डॉक्टरों को 96,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाता है। रिम्स में सीनियर रेजिडेंट को 1.26 लाख रुपये मिलता है, जबकि राज्य के अन्य पांच मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट को 80,000 रुपये मिलते हैं।
स्टेट आईएमए ने दिया समर्थनः आईएमए झारखंड राज्य इकाई की ऑनलाइन बैठक रविवार को हुई। जिसमें आईएमए जेडीएन के आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। अनिश्चितकालीन हड़ताल के निर्णय का भी समर्थन किया गया है।


