रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने शुक्रवार को जेएसएससी के नामकुम स्थित कार्यालय में दस्तावेज की जांच की। एसआईटी पिछले दो दिनों से आयोग कार्यालय पहुंच रही है और पूरे मामले की जांच कर रही है। आयोग कार्यालय में सचिव सुधीर गुप्ता के सामने दस्तावेज का सत्यापन भी करा रही है।
जैसे-जैसे पूछताछ में नई-नई जानकारियां सामने आ रहीं हैं, वैसे-वैसे आरोपितों, संदिग्धों का बयान, दस्तावेज का सत्यापन आदि किया जा रहा है।CID ने वेबेल, आईएनसी समेत अन्य कंपनियों की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज भी लिये। इनमें एजेंसियों की नियुक्ति कब और कैसे हुई, उन्होंने कौन-कौन सी परीक्षाएं लीं और JSSC की ओर से उन्हें कब-कौन से कार्य सौंपे गये, इससे संबंधित कागजात शामिल हैं।


एसआईटी ने शुक्रवार को भी 22 संदिग्धों-अभ्यर्थियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। सभी आरोपितों से पूछताछ की गई है। अब तक एसआईटी ने करीब 250 संदिग्धों, सफल अभ्यर्थियों का बयान ले लिया है। नोटिस भेजने व पूछताछ का सिलसिला जारी है। सभी संदिग्ध सफल अभ्यर्थियों से उनके परीक्षा केंद्र व मोबाइल नंबर आदि की जानकारी जुटाई जा रही है। परीक्षा के दौरान उनकी किनसे-किनसे बातचीत हुई थी, उसका भी ब्यौरा खंगाला जा रहा है।
पहले भी हो चुकी है छापेमारी
CID के अधिकारी इससे पहले भी JSSC कार्यालय से कई दस्तावेज जब्त कर चुके हैं। आयोग के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से पूर्व में लंबी पूछताछ की जा चुकी है और उनके आवास पर भी छापेमारी हुई थी। बताया जाता है कि JSSC की पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर कंपीटिटिव एग्जामिनेशन में गड़बड़ी सामने आने के बाद 17 अगस्त को CID ने पहली बार JSSC कार्यालय में छापेमारी की थी। उस दौरान सचिव सुधीर गुप्ता से लंबी पूछताछ की गयी थी और अगले दो दिनों तक उन्हें CID कार्यालय बुलाकर बयान दर्ज किये गये थे।कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किये गये थे। जांच के दौरान जब्त दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों का सत्यापन किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को CID की टीम दोबारा JSSC कार्यालय पहुंची।





