जामताड़ा : दुमका लोकसभा क्षेत्र में अपने चुनावी अभियान को आगे बढ़ाते हुए बीजेपी उम्मीदवार सीता सोरेन ने जमकर हेमंत सोरेन और जेएमएम पर निशाना साधा। उन्होने कहा कि प्रदेश के विकास के नाम पर जिनके हाथों में प्रदेश की जनता और बाबा (गुरुजी) ने सत्ता सौंपी वही आज भ्रष्टाचार के मामले में जेल की सजा काट रहे। बाबा की जो अभी स्थिति है और जेएमएम गठबंधन के जैसे हालात हैं कि अब बाबा का कुछ नहीं चलता। जो लोग दो महीने में ही भ्रष्टाचार की वजह से जेल जाने के बाद घड़ियाली आंसू बहा रहे तो उन्हें समझ लेना चाहिए कि अपने पति दुर्गा सोरेन की मौत के बाद मैंने कितनी घुटन में चौदह वर्षों तक परिवार वालों की अनदेखी की वजह से कैसा वनवास काटा। अब चौदह वर्षों के वनवास खत्म कर अब भाजपा के साथ नई सियासी पारी खेलने उतरी हूं।
सीता ने कहा कि दुमका सीट अब उनकी पुश्तैनी विरासत नहीं रही। यह उनके बाबा गुुरुजी व दुर्गा सोरेन की कमभूमि है। पूरा प्रदेश झारखंड के गठन में गुरुजी और दुर्गा सोरेन के योगदान को देख चुका है। ऐसे में बड़ी बहू होने के नाते वही यहां की जनता के सबसे करीब हैं। कहा अब वह चौदह वर्षों का वनवास खत्म कर भाजपा की रीति-नीति और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई पार्टी भाजपा से नई सियासी पारी खेलने उतरी हैं।
परिवार के कुनबे का जिक्र करते ही सीता का दर्द छलका तो बोलीं, वर्षों पहले उन्हें छह महीने तक जेल में रहना पड़ा था। उस दौरान मेरे परिवार के किसी भी सदस्य ने उनका हालचाल तक जानने की कोशिश नहीं की। उनकी बेटियां तब छोटी थीं और उनकी परवरिश में भी उनके परिवारिक सदस्यों ने कभी उनका किसी भी तरह से सहयोग नहीं किया। कहा दुर्गा सोरेन की कुर्बानियाें की बदौलत जेएमएम सत्ता में तो आई, लेकिन दुर्गा सोरेने को ना ही परिवार वालों ने और ना ही पार्टी के सदस्यों ने कभी इसका श्रेय देना मुनासिब समझा। दुर्गा सोरेन का नाम उन लोगों को सिर्फ दो बार याद आता है, जब उनका जन्मदिन होता है और जब उनकी पुण्यतिथि पर।
हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन के वर्तमान राजनीति में सक्रिय होने के सवाल पर सीता ने तंज कसते हुए कहा, पूरी दुनिया देख रही है। किसी से कुछ भी छिपा नहीं है। जनता समझदार है, लोग जानते हैं हेमंत किन वजहों से सलाखों के पीछे हैं। अब आंसू दिखाकर तो सच छिपाया नहीं जा सकता। कहा उन्होंने अपने बाबा से चुनाव लड़ने से पूर्व आशीर्वाद ले लिया है। लेकिन परिवार की बड़ी बहू होने के नाते कल्पना ने आजतक उनसे कभी किसी भी तरह की सलाह नहीं ली, कहा कल्पना ने अपना संस्कार छोड़ा है, उन्होंने अपना संस्कार नहीं छोड़ा। बाबा के साथ दुमका की जनता का आशीर्वाद उनके साथ है। कल ही देवघर दौरे के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। दुमका सीट तो जीतना ही है, प्रदेश के सभी 14 सीटों पर भाजपा की जीत भी सुनिश्चित कर अब बार 400 पार के आंकड़े को पार करना है।
बेटियाें के सियासत में आने के सवाल पर सीता ने कहा कि राजश्री और जयश्री आगामी विधान सभा चुनावों की तैयारियों में जुटी हैं। दो साल पहले से ही दुर्गा सोरेन सेना गठन करने के बाद ही दोनों काफी सक्रिय हैं। आने वाले कुछ ही महीनों में वह जनता के सामने अपने नए रूप में होंगी।
JMM में गुरू जी की नहीं सुनी जाती, 14 साल वनवास खत्म कर नई सियासी पारी खेलने आई हूं, सीता सोरेन का बड़ा बयान

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