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दिसंबर में हो झारखंड चुनाव संपन्न ,जेएमएम ने चुनाव आयोग से की मांग, पीएम मोदी की जनसभा पर इशारों में कर दी यह मांग

झारखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चुनाव आयोग  के समाने कई मांगें रखी हैं । जेएमएम ने कहा है कि  दिसंबर महीने में चुनाव हो । इसके लिए पार्टी ने चुनाव आयोग के सामने अपनी मांगें रखी हैं।
जेएमएम को चुनाव आयोग से की कई मांगें इस तरह हैं
   1.आसन्न झारखंड विधान सभा के गठन हेतु निर्वाचन में भूगोलिक रूप से संपूर्ण राज्य के कई दूरस्थ पहाड़ी एवं          जनजातीय क्षेत्रों में आंशिकता के कारण कई अव्यवस्थित—अनुपयुक्त संगठनों की प्रभावशीलता देखने को मिल रही है।
  1. पांचवें विधानसभ गठन हेतु सम्पन्न साधारण निर्वाचन का फलाफल 23 दिसम्बर 2019 को सम्पन्न हुआ एवं 29 दिसम्बर 2019 को वर्तमान सरकार का गठन किया गया था। द्वादश विधानसभा का यह चुनाव संचालन दिसम्बर के प्रथम सप्ताह से सम्पन्न हो तो वर्तमान राज्य सरकार को अपने सम्पर्क कार्यक्रम पूर्ण करने का अवसर प्राप्त होगा।
  2. Level Play Ground यानी सभी राजनीतिक दलों को एक समान राजनीतिक प्रचार-प्रसार का अवसर मिले, यह सुनिश्चित करना आपके कार्यक्षेत्र का प्रथम सिद्धांत है। अतः हमारे प्रतिष्ठित राजनीतिक दलों को सुरक्षित Flying Zone उपलब्ध कराना एवं हमारे समस्त प्रचार कार्यक्रमों के Flying Zone एवं समय में कोई बाधा न आए यह भी सुनिश्चित किया जाए।
  3. विधानसभा चुनाव में यह एक स्थापित परम्परा है कि जिस क्षेत्र में मतदान की तिथि है उसके एक दिन संचालन अन्य क्षेत्रों में अन्य राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों द्वारा चुनाव सभा आयोजित की जाती रही है एवं उक्त चुनावी सभाओं में मतदाताओं के बीच का परिचालित वातावरण का निर्माण किया जाता है, जिसका मतदान प्रतिशत प्रभावित होता है और मतदाता की सामाजिक-धार्मिक स्तर पर विभाजन हो जाते हैं, यह अत्यन्त लोकतान्त्रिक मूल्यों पर कुठाराघात करता है। चुनाव प्रक्रिया को अखंड आधार पहुँचाता है। ऐसी परिस्थितियों में इस चुनाव में इस पर रोक लगाते हुए ठोस दिशा निर्देश सभी राजनीतिक दलों के समक्ष रखना आपके लिए Level Play Ground सुनिश्चित करेगा।
  4. हमारे राज्य के प्रशासनिक झारखंड उग्रवाद, झारखंड राज्य पुलिस (JSP) तथा उच्च प्रतिष्ठित जिला प्रशासन पुलिस बल प्रबन्ध में झारखंड चुनाव में अत्यन्त आवश्यक होने पर ही केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की प्रतिनियुक्ति की जाए ताकि गांव-देहात में भय और आतंक के वातावरण का निर्माण न हो सके एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में अधिकाधिक मतदान सम्पन्न हो सके।
  5. राजनीतिक तथा चुनाव प्रचार अभियान में किसी भी प्रकार का धर्म-जाति विशेष का नाम लेकर सम्भाषण न हो, यह सुनिश्चित करना भी आपका दायित्व है। विगत अगस्त माह से ही भारतीय जनता पार्टी के कई केंद्रीय स्तर के नेताओं द्वारा हमारे …
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