रांचीः झारखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित शहरी स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा जनवरी के अंतिम सप्ताह में संभावित है। सूत्रों के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग ने इसकी तैयारी कर ली है। आयोग की घोषणा के साथ निकायों में चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जायेगी। इससे पहले ही आयोग ने शहरी स्थानीय निकायों में वार्डो के आरक्षण से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही गजट प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने गांधी मैदान में किया ध्वजारोहण, सुरक्षा घेरे में गूंजा राष्ट्रगान
आयोग की तैयारियों के मुताबिक, अब केवल चुनाव तिथि की घोषणा ही शेष है, जिसे आयोग जनवरी के अंतिम सप्ताह में जारी कर देगी। चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जायेगी और साथ ही आदर्श आचार संहिता भी लागू हो जायेगी। झारखंड के कुल 48 नगर निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनमें नौ नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं।
ऑक्सफोर्ड के जिस कॉलेज में पढ़े जयपाल सिंह मुंडा वहां पहुंचे हेमंत सोरेन, सेंट जॉन्स कॉलेज ने सहेजी हैं स्मृतियां
चुनावी माहौल से बढ़ रहा उत्साहः चुनाव की घोषणा राज्य में राजनीतिक गतिविधियों को और गति देगी। इससे दलों और उम्मीदवारों की रणनीति भी स्पष्ट होने लगेगी। राज्य के सभी नगर निकायों में चुनाव की तैयारियां शुरू हो गयी हैं, जिससे चुनावी माहौल का उत्साह बढ़ रहा है। नगर निकायों में चुनाव के निर्णय के साथ ही स्थानीय स्तर पर विकास, आधारभूत सुविधाओं और नागरिक सेवा से जुड़े मुद्ों पर भी बहस तेज हो गयी है।
शिबू सोरेन को पदम भूषण पुरस्कार, 5 पद्म विभूषण सहित 131 हस्तियों को मिला सम्मान
अबतक 72 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग
झारखंड में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की प्री-रिवीजन अवधि में अबतक 72 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग बीएलओ ऐप के माध्यम से पूरी हो चुकी है। ये बातें राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने कहीं। वह 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर रविवार को रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मताधिकार के प्रयोग के लिए मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है। मतदाता अपने बीएलओ से आसानी से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए बुक ए कॉल की सुविधा दी गयी है। इसके तहत बीएलओ 48 घंटे में मतदाता से संपर्क करेंगे। उन्होंने बताया कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ घर-घर जाकर स्टीकर लगायेंगे, जिसमें बीएलओ का मोबाइल नंबर और मतदाता का मकान नंबर अंकित होगा।




