रांची : झारखंड की राजधानी रांची की बेटी जया ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर देश और राज्य का परचम लहराया है। जया ने श्रीलंका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस 2025 के उच्च स्तरीय वैश्विक सम्मेलन में भारत की आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति, गृहमंत्री सहित 12 देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। जया राज दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची की छात्रा रही हैं और पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर हैं। वह शहीद पांडेय गणपत राय की प्रपौत्री, डॉ. वंदना राय और डॉ. राजेश कुमार लाल की पुत्री हैं।
सम्मेलन में मानवाधिकार संरक्षण, लैंगिक समानता, युवा नेतृत्व और वैश्विक शांति जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। जया ने इस मंच से भारत की नीतियों, प्रगतिशील दृष्टिकोण और जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी संतुलित और सशक्त प्रस्तुति को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने खूब सराहा।
जया की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से रांची सहित पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने जया को बधाई दी और कहा कि उन्होंने राज्य की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरक मिसाल पेश की है।
जया ने अपनी सफलता को देश और राज्य को समर्पित करते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि वे आगे भी मानवाधिकार क्षेत्र में भारत की आवाज़ को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए समर्पित रहेंगी।




