डेस्क: रविवार को इज़राइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने सेना को निर्देश दिया कि वह गाज़ा के लिए रवाना हुए एक सहायता पोत को किसी भी हालत में तट तक न पहुंचने दे। इस पोत में दर्जनभर कार्यकर्ता सवार हैं, जिनमें मशहूर स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी शामिल हैं।
इजराइल ने रोकी शिप
मंत्री काट्ज़ ने कहा, “आईडीएफ (इज़राइली रक्षा बल) को आदेश दिया गया है कि वे ‘मेडलीन’ नामक इस नफरत फैलाने वाली शिप को गाज़ा के तट तक न पहुंचने दें और इसके लिए ज़रूरी सभी उपाय करें।”
उन्होंने आगे कहा, “इज़राइल किसी भी प्रयास को नाकाम करेगा जो समुद्री मार्ग, आकाश या ज़मीन से प्रतिबंध तोड़ने या आतंकी संगठनों की मदद करने के लिए किया जाएगा।”
क्या है ‘मेडलीन’ मिशन?
‘मेडलीन’ नामक पोत को फ्रीडम फ्लोटिला कोएलिशन द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह पोत यूनाइटेड किंगडम (U.K.) के झंडे के तहत चल रहा है और इसी महीने की शुरुआत में इटली से रवाना हुआ था।
इस मिशन को कोएलिशन ने एक “शांतिपूर्ण नागरिक प्रतिरोध” बताया है, जिसका उद्देश्य गाज़ा के लोगों को आवश्यक मानवीय आपूर्ति पहुँचाना है। इसमें शिशु आहार, डायपर, महिलाओं के लिए सैनिटरी उत्पाद, जल शुद्धिकरण किट, चिकित्सा सामग्री, बैसाखी और बच्चों के लिए कृत्रिम अंग शामिल हैं।
ग्रेटा थनबर्ग के शिप की स्थिति
रविवार दोपहर को आयोजकों ने जानकारी दी कि पोत गाज़ा से लगभग 160 नॉटिकल मील दूर है। पोत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है।
इस बीच, फ्लोटिला कोएलिशन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा, “इज़राइल के रक्षा मंत्री एक बार फिर नागरिकों के खिलाफ अवैध बल प्रयोग की धमकी दे रहे हैं और बेबुनियाद आरोपों के ज़रिए हिंसा को जायज़ ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। हम डरने वाले नहीं हैं।”
गाज़ा में मारे गए लोग
वहीं, रविवार को गाज़ा में दो अलग-अलग सहायता वितरण केंद्रों पर जाते समय कम से कम पांच लोगों की गोलीबारी में मौत हो गई। यह केंद्र इज़राइल और अमेरिका द्वारा समर्थित एक समूह द्वारा संचालित किए जा रहे थे।




