DESK: लोहरदगा इंटक यूनियन के अध्यक्ष सह जिला के वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक कुमार साहू ने लोहरदगा समाहरणालय में भाजपा के धरना प्रदर्शन में पूर्व विधायक भाजपा नेता भानु प्रताप शाही द्वारा लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत पर लगाया गया आरोप कि उन्होंने पैसे लेकर नौकरियां दी हैं, पूरी तरह से तथ्यहीन, बेबुनियाद और राजनीतिक कुंठा से ग्रसित है।
इस झूठे आरोप का मैं सिरे से खंडन करता हूं। आलोक साहू ने कहा किभानु प्रताप शाही जैसे व्यक्ति को जो खुद जीवन भर भ्रष्टाचार, लूट और अपराध के मामलों में जेल की हवा खाते रहे हैं, उनको दूसरों पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। लोहरदगा की जनता जानती है कि सांसद हमेशा पारदर्शी और ईमानदारी से काम किया है।
भाजपा ने आज एक ऐसे व्यक्ति को आगे किया है जिसका पूरा राजनीतिक जीवन ही घोटालों की कहानी रही है। आलोक साहू ने कहा किसाल 2001 में तत्कालीन मंत्री रामचंद्र केसरी का घर बम से उड़ाने के मामले में ये जेल गए थे, तब इनका नाम नक्सलियों के साथ जुड़ा था। मधु कोड़ा सरकार में ये स्वास्थ्य मंत्री थे, तो झारखंड के इतिहास का सबसे बड़ा 150 करोड़ का दवा घोटाला इन्होंने किया। गरीब आदिवासियों के लिए आने वाली दवाइयों के पैसे को खा गया। इसी मामले में CBI, ED और Vigilance के केस में ये 2 साल से अधिक रांची जेल में रहे हैं।मंत्री रहते हुए आय से अधिक संपत्ति बनाने के मामले में आज भी इन पर ED की तलवार लटकी है।


सरकारी डॉक्टर और पदाधिकारियों के साथ मारपीट और SC/ST एक्ट में कई FIR इन पर दर्ज हैं।जो व्यक्ति खुद सरकारी दवाओं की चोरी करके गरीबों की जान से खेला हो, जो खुद भ्रष्टाचार में जेल गया हो, वो आज ईमानदार सांसद पर झूठा आरोप लगा रहा है। सांसद सुखदेव भगत का राष्ट्रीय स्तर पर कद बढ़ने से भाजपा यहां हताशा में है। साहू ने कहा कि 2014 से 2019 तक यहां भाजपा रघुवर दास की सरकार था उसे 5 वर्षों में भाजपा की सरकार ने एक भी जेपीएससी का परीक्षा नहीं लेकर यहां के गरीब आदिवासी के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का काम किया था। मै़ भानु प्रताप शाही को चुनौती देता हूँ – अगर एक भी व्यक्ति का सबूत ला दें कि कि सांसद द्वारा पैसे लेकर नौकरी दी गई है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। नहीं तो उन्हें लोहरदगा की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, वरना उन पर मानहानि का केस दर्ज कराया जाएगा।




