रांची:ओरमांझी थाना पुलिस पर ट्रक चालक से कथित तौर पर 25 हजार रुपये की अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। चालक सतीश तिवारी ने आरोप लगाया है कि लोन रिकवरी (रेपो) एजेंटों से मदद मांगने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही करीब 24 घंटे तक थाने में बैठाए रखा और वाहन छोड़ने के एवज में नकद रुपये लिए।
चालक के अनुसार, वह ट्रक लेकर जा रहे थे, तभी ओरमांझी थाना क्षेत्र में कुछ रेपो एजेंटों ने उनका वाहन रोक लिया। जब उन्होंने एजेंटों से पहचान पत्र और अधिकृत दस्तावेज दिखाने को कहा, तो वे कोई वैध कागजात नहीं दिखा सके। इसके बाद उन्होंने सहायता के लिए डायल-112 पर कॉल किया।
आरोप है कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने रेपो एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय ट्रक के नंबर प्लेट पर स्टिकर लगे होने का हवाला देते हुए वाहन को ओरमांझी थाना ले गई। वहां उन्हें ट्रक सहित लगभग 24 घंटे तक बैठाकर रखा गया।
सतीश तिवारी का आरोप है कि वाहन छोड़ने के लिए उनसे 25 हजार रुपये की मांग की गई। उन्होंने ऑनलाइन भुगतान की बात कही, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें पास के एक बूथ से नकद राशि निकालकर लाने को कहा। चालक का दावा है कि नकद रुपये देने के बाद ही ट्रक छोड़ा गया।
चालक ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में थाना के मुंशी अजीत, चालक रंजीत तथा यह कार्रवाई थाना प्रभारी मनोज कुमार के इशारे पर हुई। इतना ही नहीं, उनसे एक लिखित बयान भी लिया गया कि उन्हें डायल-112 की सहायता की आवश्यकता नहीं है और वे अपना वाहन सही-सलामत लेकर जा रहे हैं।इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है, जिसे 17 जुलाई का बताया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


