रांचीः तुपुदाना ओपी की पूर्व प्रभारी दारोगा मीरा सिंह को ईडी ने मनी लाउंड्रिंग केस में आरोपी बनाते हुए कांड संख्या इसीआइआर 8/ 2020 दर्ज किया है। ईडी ने रिश्वतखोरी में मीरा सिंह पर एसीबी में दर्ज केस को ही टेकओवर कर इसीआइआर दर्ज किया है। वहीं जांच एजेंसी ने पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेन दाखिल किया है।
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दारोगा मीरा सिंह व उनके करीबी जमीन कारोबारी सह कांग्रेस नेता लाल मोहित नाथ शाहदेव के ठिकानों पर गत वर्ष 21 मार्च 2024 को ईडी ने छापेमारी की थी।इस छापेमारी में आरोपितों के ठिकानों पर 12.50 लाख रुपये नकदी की बरामदगी हुई थी। ईडी ने अप्रैल 2024 में लगातार कई दिनों तक दारोगा मीरा सिंह को समन कर पूछताछ के लिए बुलाया था और उनका बयान लिया था।
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रुपयों के स्रोत पर दारोगा मीरा सिंह ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। ईडी ने छापेमारी के दौरान तुपुदाना ओपी का सरकारी मोबाइल सहित कुल आठ मोबाइल जब्त की थी।इनमें से कुछ मोबाइल से वाट्सएप चैट मिले थे, जो अवैध बालू ढुलाई सहित संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित थे। इस छापेमारी के बाद ही रांची के एसएसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था।
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उसके बाद से ही दारोगा मीरा सिंह पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रही हैं। इधर, दारोगा मीरा सिंह के विरुद्ध जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही ईडी ने यह चार्जशीट दाखिल की है।ईडी यह चार्जशीट इस वर्ष ईडी के रांची जोन में दर्ज इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) 8/2025 में किया है। इस चार्जशीट पर पीएमएलए की विशेष अदालत ने 17 सितंबर को संज्ञान लेने का निर्णय लिया है।
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पुराने केस के आधार पर ईडी ने किया है नया ईसीआइआर
झारखंड एसीबी में 2021 में दर्ज एक केस के आधार पर ही ईडी ने इस वर्ष यह नया ईसीआइआर किया है। झारखंड एसीबी ने दारोगा मीरा सिंह को 25 फरवरी 2021 को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उनपर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा था।तब दारोगा मीरा सिंह खूंटी का महिला थाना प्रभारी थीं। उनपर दुष्कर्म के एक मामले में आरोपित को बचाने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था।
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पीड़ित के आग्रह पर यह मामला 15 हजार रुपये देने पर तय हुआ था। इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर झारखंड एसीबी ने दारोगा मीरा सिंह को 25 फरवरी 2021 को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। वह कई महीनों तक जेल में रहीं थीं।जमानत पर आने के बाद उन्होंने रांची जिला बल में योगदान दिया था। जुलाई 2022 में उन्हें तुपुदाना ओपी का प्रभारी बनाया गया था। रिश्वत लेने के मामले में दारोगा मीरा सिंह के विरुद्ध एसीबी कोर्ट में मामला अब तक विचाराधीन है। अब ईडी की एंट्री के बाद दारोगा मीरा सिंह की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।रिश्वत कांड में गिरफ्तारी व एसीबी की कार्रवाई मामले में पीएमएल अधिनियम के तहत जांच के क्रम में ईडी ने जमीन, बालू सहित कई मामलों में दारोगा मीरा सिंह के विरुद्ध साक्ष्य जुटाया है। पूरे मामले में ईडी की जांच अभी जारी है।
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पुलिस का सरकारी मोबाइल अब तक ईडी के कब्जे में
तुपुदाना ओपी का सरकारी मोबाइल अब तक ईडी के कब्जे में है। ईडी ने उक्त मोबाइल को 21 मार्च 2024 की छापेमारी के दौरान जब्त की थी।इसके बाद से ही कई बार पुलिस की ओर से कोर्ट के माध्यम से मोबाइल को मुक्त कराने की कोशिश की गई, लेकिन ईडी ने उसे अपने साक्ष्य के रूप में जब्त होने की बात कहकर कोर्ट की अनुमति से अब तक अपने पास जब्त रखा है।




