रांची: राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 29 अप्रैल को सुनवाई करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक झारखंड हाईकोर्ट पूरे मामले में देरी कर रही थी इसलिए उन्होने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। फैसला सुनाने में देरी करने का कारण बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रूख हेमंत सोरेन के वकील ने किया और एसएलपी दाखिल किया था।
जमीन घोटाला मामले में 31 जनवरी को ईडी द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद हेमंत सोरेन के द्वारा ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 28 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन इस मामले में अभी तक कोर्ट ने अपना कोई फैसला नहीं सुनाया है। इसको लेकर ही हेमंत सोरेन की ओर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है जिसपर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगी।
Kanhaiya Kumar को लेकर दिल्ली कांग्रेस में बवाल, लोकल उम्मीदवार की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
31 जनवरी को गिरफ्तार हुए थे पूर्व सीएम
रांची के बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन घोटाले के आरोपित पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने यह कहते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कि हाई कोर्ट फैसला सुनाने में देरी कर रहा है।
पूर्व सीएम को 31 जनवरी की रात ईडी ने पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया था। इसके 75 दिनों बाद 16 अप्रैल को पूर्व सीएम ने जमानत याचिका दायर की थी। फिलहाल वह रांची के होटवार जेल में बंद हैं।