अमन साहू एनकाउंटर की CBI जांच की मांग पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई, अदालत ने सरकार को लगाई फटकार, 4 हफ्ते में मांगा जवाब

अमन साहू के एनकाउंटर को लेकर अधिकारियों पर प्राथमिकी क्यों नहीं, झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा सवाल

रांचीः पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर अमन साहू की सीबीआई जांच का आग्रह करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बुधवार को सरकार को फटकार लगायी। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने मौखिक कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, चाहे वह डीजीपी ही क्यों न हो। अदालत ने राज्य सरकार को प्रार्थी की ओर से दायर याचिका पर चार सप्ताह के अन्दर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

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इस मामले में अमन साहू की मां किरण देवी ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी और फोटो उपलब्ध कराया था। जिसपर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट सुनवाई कर रही है। इसी मामले में किरण देवी की ओर से हस्तक्षेप याचिका दाखिल की गई, जिसमें कहा गया है कि घटना से पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता ने अमन साहू को एनकाउंटर में मारने की धमकी थी। बाद इस घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।

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सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने अदालत को बताया कि इस मामले में अमन साहू की मां ने डीजीपी अनुराग गुप्ता, रांची एसएससी चंदन कुमार सिन्हा, एटीएस एसपी ऋषभ झा और इंस्पेक्टर पीके सिंह के खिलाफ नामजद आनलाइन प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। लेकिन अभी तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

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