पटनाः बिहार के पटना के पारस अस्पताल में भर्ती चंदन मिश्रा की 5 शूटरों ने अस्पताल में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले की जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं। इस हत्या में शामिल तौसिफ ने हत्या के समय अपने चेहरे पर कोई मास्क नहीं लगाया था। बताया जा रहा है कि वह पटना भौकाल बनाने के लिए ऐसा किया, ताकि उनके नाम खौफ स्थापित हो सके। उसे पैसे की चिंता नहीं थी, बल्कि वह अपराध जगत में भौकाल बनना चाहता था।
इस मामले में पुलिस ने जांच की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो इस हत्याकांड में शामिल थे। इनमें 5 शूटर और 2 महिलाएं भी शामिल हैं। अस्पताल का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। उसमें तौसिफ सबसे आगे बिना खौफ के चलता नजर आया था। तौसिफ ने सिर्फ पैसों के लिए चंदन मिश्रा की हत्या नहीं की।
बिहार में सरपंच की गोली मारकर हत्या, ड्राइवर से विवाद के बाद हुई फायरिंग
आरोपी निशु खान ने चंदन मिश्रा की हत्या की सुपारी ली थी। उसने ही जेल में बंद कुख्यात शेरू से डील की। इसके बाद तौसीफ उर्फ बादशाह समेत दूसरे शूटर्स को मर्डर की सुपारी दी गई। लेकिन तौसीफ, जो अपने नाम के आगे भी बादशाह लगाता है। उसने सिर्फ पैसों के लिए इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया। बल्कि वह रातों रात डॉन बनना चाहता था और पटना में अपना खौफ कायम करना था। इसलिए वह इस हत्याकांड के मिशन को डील कर रहा था। उसे पैसों में दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन उसे मिशन लीड करने में काफी इंटरेस्ट था।
हत्याकांड को जो सीसीटीवी वीडियो सामने आया। उसमें भी तौसीफ बिना किसी डर के जेब में हाथ डालकर सबसे आगे चलता नजर आ रहा है। बाकी सभी आरोपियों ने मास्क लगाया हुआ है। लेकिन तौसीफ को इस बात की कोई चिंता नहीं थी। उसके चेहरे पर कोई खौफ नहीं था। जहां सभी आरोपी जिस कमरे में चंदन मिश्रा की हत्या की थी। वहां से दौड़कर निकले। वहीं तौसीफ वहां से बहुत आराम से चलते हुए निकला।
पुलिस के मुताबिक तौसीफ को इस बात की जानकारी थी कि अगर वह कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की हत्या कर दे तो इसके बाद वह पटना में अपना भौकाल बना सकता है। इसके साथ ही वह व्यवसायियों से मनमाने तरीके से पैसा वसूल सकता था। चंदन की हत्या करने की पूरी साजिश निशु खान के घर पर बैठकर बनाई गई थी। घटना के दो दिन पहले ये पूरी प्लानिंग की गई और फिर फिल्मी अंदाज में अस्पताल में घुसकर गोलियों से चंदन मिश्रा को भून डाला।
शव को नहीं मिला एंबुलेंस, 10 किमी घाट पर लेकर घर पहुंचे परिजन, बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा


