धनबादः वासेपुर के भगोड़े गैंस्टर प्रिंस खान के गुर्गे सैयद सैफ अब्बास नकवी उर्फ मेजर को धनबाद पुलिस के रिमांड पर है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है जिसमें बड़े-बड़े खुलासे हो रहे है। मेजर ने बताया कि धनबाद के 80 से ज्यादा व्यवसायियों ने प्रिंस खान को रंगदारी दी है।
मेजर से पूछताछ में कई खुलासे
सैयद सैफ अब्बास उर्फ मेजर से धनबाद पुलिस की पूछताछ जारी है। अभी प्रिंस खान के वर्तमान ठिकाने, उसके लिए काम व फंडिंग करने, गिरोह से संबंधित कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। अब तक हुई पूछताछ में सैफी ने कई बड़े खुलासे किये हैं। मेजर ने भेद खोला कि रंगदारी की बड़ी रकम जमीन कारोबार में इंवेस्ट किया गया है। 100 से अधिक अकाउंटों का इस्तेमाल रंगदारी के लिए पैसे का ट्रांसजेक्शन में किया गया। रंगदारी में वसूली गई लगभग 5 करोड़ की रकम यूएसडीटी, बिटक्वाइन और हवाला के जरिए दुबई भेजी गई। पुलिस ने मेजर से अभी तक वर्ष 2021 से 2024 के बीच हुई घटनाओं के बारे में पूछताछ की थी। अभी तक 40 पेज में बयान दर्ज हुआ है। घटनाओं के बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है। पूछताछ में एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी समेत कई अधिकारी शामिल है।
व्यवसायियों ने दुश्मनों के नंबर दिए
मेजर से पूछताछ में खुलासा हुआ कि 80 से अधिक व्यवसायियों ने प्रिंस खान को रंगदारी दी, जिसमें ज्वेलर्स, ठेकेदार, जमीन कारोबारी और अन्य व्यवसाय से जुड़े लोग शामिल है। अधिकतर ने किस्वार रकम भेजी तो कुछ व्यवसायियों ने एकमुश्त भुगतान किया। सबसे बड़ी बात यह है कि रंगदारी प्रकरण में कुछ व्यवसायियों ने अपने प्रतिद्वंदी व्यवसायियों का मोबाइल नंबर भेजकर रंगदारी मांगने को कहा। पुलिस को इनके नाम का पता चल गया है। नोटिस देकर इन्हें पूछताछ के लिए पुलिस बुला सकती है।
कलीम के नाम पर प्रिंस ने खरीदी 9 करोड़ की प्रॉपर्टी
सैफी ने बरवाअड्डा कुर्मीडीह के कलीम का नाम लिया। सैफी ने पुलिस को बताया कि प्रिंस ने कलीम के नाम पर 9 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी है। 15 से अधिक जमीन के डीड की जानकारी मिली है, जो बरवाअड्डा और गोविंदपुर साहेबगंज रोड़ में है।
कई नेताओं ने विरोधियों को सबक सिखाने के लिए ली मदद
सैफी ने बताया कि धनबाद के कई दलों के नेताओं ने भी प्रिंस की मदद ली थी। सैफी ने ऐसे कुछ नेताओं के नाम पुलिस को बताएं है। वहीं पत्रकार कहने वाले कुछ यूट्यूबर और पोर्टल संचालक पे-रोल पर काम कर रहे थे, जो प्रिंस का ऑडियो, वीडियो, पर्चा वायरल करते थे।
डॉक्टर के बनाए कोविड सर्टिफिकेट पर भागा था प्रिंस
प्रिंस के भागने की कहानी भी पुलिस का बताई। नन्हें की हत्या के बाद पुलिस प्रिंस की तलाश में जुटी थी। धनबाद से निकलने के लिए उसने डॉक्टर से फर्जी कोविड संक्रमित होने का प्रमाण पत्र बनवा कर इलाज के नाम पर कोलकाता और वहीं से दुबई भाग गया।
प्रिंस की संपत्ति अटैच करने की भी कार्रवाई
पूछताछ में पुलिस को रंगदारी के पैसे से खरीदी संपत्ति की जानकारी मिलने के बाद उसे अटैच करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले में रंगदारी के पैसे से खरीदी गई जमीन, अस्पताल और मैरेज हॉल को अटैच करने की दिशा में काम कर रही है।



