बोकारो/रांची: बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र के बिरहोरडेरा जंगलों में बुधवार सुबह सुरक्षाबलों और भाकपा (माओवादी) नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 209 कोबरा यूनिट के वीर जवान परणेश्वर कोच शहीद हो गए। वहीं सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 5 लाख के इनामी सब-जोनल कमांडर कुंवर मांझी समेत दो नक्सलियों को ढेर कर दिया है।

राज्यपाल संतोष गंगवार ने शहीद जवान को श्रद्धांजिल दी । इस मौके पर मुख्य सचिव अलका तिवारी मौजूद रहीं ।
133वीं बटालियन, धुर्वा, रांची में आज बोकारो जिला के गोमिया थाना अंतर्गत बिरहोरडे़रा जंगल में नक्सली मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए 209 कोबरा यूनिट के #CRPF जवान प्रानेश्वर कोच के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
उनका बलिदान राष्ट्र की स्मृति में सदा अमर रहेगा। pic.twitter.com/ijKObNdSPE
— Governor of Jharkhand (@jhar_governor) July 16, 2025
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी है । प्रनेश्वर असम के कोकराझार जिले के रहने वाले थे।
शहीद को श्रद्धांजलि 🇮🇳
Assam's braveheart and Maa Bharti's son CT/GD Parneswar Koch of Kokrajhar attained martyrdom fighting naxals in Jharkhand, early this morning.
The people of Assam salute his sacrifice and offer our thoughts and prayers to his family.
We will always be…
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) July 16, 2025
मुठभेड़ के बारे राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के बाद सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसका सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया।

मुठभेड़ के दौरान कोबरा-209 बटालियन के जवान परणेश्वर कोच गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एयरलिफ्ट कर रांची ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वीरगति को प्राप्त हुए जवान के पार्थिव शरीर को रांची के धुर्वा स्थित 133वीं बटालियन मुख्यालय लाया गया, जहां जवानों और अधिकारियों ने उन्हें पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
बिरहोरडेरा वही क्षेत्र है जो लुगु पहाड़ी की सीमा में आता है। इसी इलाके में अप्रैल 2025 में आठ माओवादी मारे गए थे, जिनमें एक करोड़ का इनामी नक्सली भी शामिल था। इस बार भी बारिश के बीच आधे घंटे तक फायरिंग हुई और फिर रुक-रुक कर गोलियां चलती रहीं।




