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Godda में अभिषेक आनंद झा के नामांकन से बीजेपी और कांग्रेस की टेंशन बढ़ी, पूर्व मुख्यमंत्री के प्रपौत्र ने ठोकी दावेदारी

Godda में अभिषेक आनंद झा के नामांकन से बीजेपी और कांग्रेस की टेंशन बढ़ी, पूर्व मुख्यमंत्री के प्रपौत्र ने ठोकी दावेदारी

देवघर: गोड्डा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी और कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं आ रही है। वहां बीजेपी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ने बगावत कर दिया है। बीजेपी नेता अभिषेक आनंद झा ने गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मंगलवार को नामांकन दाखिल कर दिया है।

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अभिषेक आनंद झा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री विनोदानंद झा के पपौत्र है। उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होने गोड्डा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया। अभिषेक आनंद झा बीजेपी के पुराने और समर्पित नेता रहे है, 2009 में मधुपुर विधानसभा सीट से बीजेपी ने उन्हे उम्मीदवार भी बनाया था। बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद वो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में कूद गये है।

अभिषेक आनंद झा ने कहा कि गोड्डा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टी के उम्मीदवारों ने गोड्डा का विकास नहीं किया बल्कि दोनों ही नेताओं ने सिर्फ अपना विकास किया। कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप यादव को लेकर उन्होने कहा कि वो पोडैयाहाट से लगातार विधायक है लेकिन वहां विकास का एक भी काम उन्होने नहीं किया। वो चाहे जिस भी पार्टी में रहे हो उन्होने सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने का ही काम किया। पोडैयाहाट में तो समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। वही बीजेपी उम्मीदवार निशिकांत दुबे को लेकर अभिषेक आनंद झा ने कहा कि वो पिछली बार सिर्फ प्रधानमंत्री के नाम पर चुनाव जीतकर आये थे, उन्होने गोड्डा संसदीय क्षेत्र का विकास करने की जगह सिर्फ अपना व्यक्तिगत विकास किया। उन्होने बीजेपी के लोकल नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की। उन्होने कहा कि कार्यकर्ताओं के दवाब की वजह से ही उन्होने चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

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अभिषेक आनंद झा के चुनाव मैदान में उतरने से बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के उम्मीदवार को टेंशन इसलिए हो रहा है क्योकि इनकी जो राजनीतिक विरासत रही है और जो एक राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में इन्होने जो क्षेत्र में काम किया है इससे दोनों को नुकसान होने का अंदेशा है। बीजेपी के नेता होने की वजह से उनको वर्तमान सांसद से नाराज चल रहे या उनके द्वारा उपेक्षित कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल सकता है जो बीजेपी के वोटबैंक में ही सेंधमारी होगी। वही कांग्रेस उम्मीदवार को अभिषेक आनंद झा के पारिवारिक पृष्टिभूमि की वजह से नुकसान की आशंका है। अभिषेक के दादाजी संयुक्त बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके है और कांग्रेस के बड़े नेताओं में शामिल रहे है। कांग्रेसी परिवार होने की वजह से कांग्रेस के एक बड़े वोटबैंक में उनकी पकड़ मानी जाती है, यही नहीं जिस तरह से मुखर होकर अभिषेक आनंद झा पोडैयाहाट विधायक के खिलाफ मुखर होकर चुनाव मैदान में कूदे है उससे उनको उनके गढ़ में समस्या हो सकती है। अभिषेक ने अपनी इसी ताकत की वजह से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में गोड्डा संसदीय क्षेत्र से नामांकन दाखिल कर दिया है।

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