गिरफ़्तारी के बाद हेमंत की कविता-यह एक विराम है,जीवन महासंग्राम है,हर पल लड़ा हूं, हर पल लड़ूंगा पर समझौते की भीख मैं लूंगा नहीं

Hemant Poem

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ़्तारी के बाद सोशल मीडिया अकाउंट से अपने समर्थकों की हौसला अफ़ज़ाई के लिए एक कविता पोस्ट की है । हेमंत ने लिखा है…

यह एक विराम है
जीवन महासंग्राम है
हर पल लड़ा हूं, हर पल लड़ूंगा
पर समझौते की भीख मैं लूंगा नहीं

क्या हार में, क्या जीत में
किंचित नहीं भयभीत मैं
लघुता न अब मेरी छुओ
तुम हो महान, बने रहो

अपने लोगों के हृदय की वेदना
मैं व्यर्थ त्यागूंगा नहीं
हार मानूंगा नहीं…

जय झारखण्ड!

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