गयाजीः जिले से लापता चार छात्राओं को एसआईटी ने दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। चारों छात्राएं आपस में गहरी सहेलियां हैं और डेल्हा थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। छात्राएं 15 जनवरी की देर शाम से लापता थीं, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया और फिर तेजी से जांच शुरू की गई।
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15 जनवरी को घर से निकली थीं छात्राएं
जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी को चारों छात्राएं मैट्रिक परीक्षा का एडमिट कार्ड लेने के लिए घर से निकली थीं। उन्हें अनुग्रह कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाना था। परिजन शाम तक उनके लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब छात्राएं घर नहीं पहुंचीं तो चिंता बढ़ गई। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
छात्रा ने घर पर फोन कर क्या बताया?
अगले दिन परिजनों ने डेल्हा थाना में छात्राओं के लापता होने की सूचना दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तकनीकी जांच शुरू की गई। इसी दौरान एक छात्रा ने घर पर फोन कर बताया कि वे आरा में नानी के घर हैं। पुलिस की टीम जब वहां पहुंची तो छात्राएं पहले ही वहां से निकल चुकी थीं।इससे शक और गहरा गया।
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पुलिस छात्राओं तक कैसे पहुंची?
इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए जांच को आगे बढ़ाया। तकनीकी जांच में पता चला कि चारों छात्राएं दिल्ली की ओर रवाना हो चुकी हैं। सूचना मिलते ही एक पुलिस टीम विमान से दिल्ली भेजी गई। रविवार की शाम पुलिस ने कनॉट प्लेस इलाके से चारों छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया।
छात्राओं को ट्रेन से लाया जा रहा है गया
पुलिस के अनुसार, चारों छात्राएं फिलहाल सुरक्षित हैं और किसी तरह के दबाव या हिंसा की बात सामने नहीं आई है। आज उन्हें ट्रेन के जरिए गयाजी लाया जा रहा है। गयाजी पहुंचने के बाद पुलिस छात्राओं से पूछताछ करेगी, ताकि यह साफ हो सके कि वे घर से क्यों निकलीं और बिना बताए दिल्ली तक कैसे पहुंचीं।
छात्राओं की सकुशल बरामदगी की खबर मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं, पुलिस ने इस पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई कर बड़ी अनहोनी को टाल दिया। अब जांच का फोकस छात्राओं के दिल्ली जाने के कारणों और इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी जानने पर टिका है।




