हजारीबागः शुहर के हुरहुरू खासमहल होल्डिंग संख्या 302, थाना संख्या 157 की 57 डिसमिल जमीन फिर सुर्खियों में है। इस जमीन पर बनी सरकारी इमारत शनिवार की देर रात पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने जेसीबी से गिरा दी। यह लघु सिंचाई विभाग का कार्यालय हुआ करता था। फिलहाल यह खाली पड़ा था। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने रविवार की सुबह जिला प्रशासन को दी। जिसके बाद प्रशासन की टीम ने खासमहाल जमीन पर पहुंच कर स्थिति की जानकारी ली।
सदर सीओ आशुतोष कुमार ने कहा कि यह सरकारी खासमहाल जमीन है। इस जमीन की लीज खत्म हो गयी है। इस जमीन को रिज्यूम करने के लिए राज्य सरकार को भेजा गया हे। हाईकोर्ट ने इस जमीन पर यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था। वहीं कोर्ट के आदेश के बाद भी इस जमीन पर निर्मित सरकारी इमारत गिरा दी गयी है। पूरे मामले की जानकारी न्यायालय को दी जायेगी। सदर सीडीपीओ रूपक सिंह ने कहा कि इस जमीन को लेकर सदर सीओ की ओर से आवेदन दिया जायेगा, तो उस पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी।

योगेंद्र साव ने कहा-बेटे की शादी को लेकर कर रहे हैं साफ-सफाईः पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि जमीन मालिक मुजीबुर रहमान से हमने पावर ऑफ अटॉनी ले ली है। यह मामला मुजीबुर रहमान और झारखंड राज्य के बीच हाईकोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने यह जमीन पर हमें कोई काम करने से रोक नहीं लगायी है। मेरे बेटे की शादी होने वाली है। इसलिए इस जमीन पर साफ-सफाई करायी जा रही है।







