पूर्व जेपीएससी चेयरमैन एल ख्यांगते से तीसरी बार पूछताछ, गिरफ्तारी की लटकी तलवार

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July 31, 2026

पूर्व जेपीएससी चेयरमैन एल ख्यांगते से तीसरी बार पूछताछ, गिरफ्तारी की लटकी तलवार

रांचीः जेपीएसी के पूर्व चेरयमैन और राज्य के मुख्य सचिव रहे एल ख्यांगते से सीआईडी की टीम शुक्रवार को तीसरी बार पूछताछ करेगी। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को सीआईडी एल ख्यांगते से पूछताछ कर चुकी है। जेपीएससी परीक्षा में धांधली के आरोपियों के बयान और टीडीपीएल के कंप्यूटर से मिले डिजिटल साक्ष्यों के बाद एल ख्यांगते ही मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीआईडी के अनुसार, पूछताछ में डेटा टेंपरिंग, ओएमआर शीट में हेराफेरी और अन्य अनियमितताओं से जुड़े कई जानकारियां मिली है। उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है। उनसे विदेश यात्रा का ब्योरा लिया गया है। उनकी अमेरिका यात्रा को लेकर भी पिछले पूछताछ में सवाल पूछे गए थे। आरोपियों के बयान और जांच की दिशा को देखते हुए एल ख्यांगते पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। उनकी गिरफ्तारी की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा रहा है।
सीआईडी ने उनसे पूछताछ के लिए पहले से ही सवालों की लंबी सूची तैयार कर रखी थी। उनके पहुंचते ही सवालों की झड़ी लगा दी। जवाब देने में ख्यांगतेकई बार असहज नजर आए। सीआईडी ने ख्यांगते से पूछा कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी को काम कैसे दिया? इस पर ख्यांगते ने कहा कि उन्हें कंपनी के ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी नहीं थी। एजेंसी के चयन में कई वैधानिक प्रक्रिया होती हैं, जिनका पालन करने के बाद ही फैसला लिया गया। अगर कंपनी पहले से ब्लैकलिस्टेड थी और गड़बड़ी की है तो इसकी गहनता से जांच कराई जाए। सीआईडी ने उनसे टीडीपीएल के भौतिक व कानूनी सत्यापन पर भी सवाल किया। ख्यांगते ने कहा कि बिना सत्यापन काम नहीं दिया जाता। नियमों का पालन हुआ था।
एल ख्यांगते के इस्तीफे के बाद से जेपीएससी के चेयरमैन का पद खाली है। अब तक चेयरमैन का पद खाली होने पर सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रभार देकर कार्यवाहक अध्यक्ष बना दिया जाता था। लेकिन इस बार एक नया पेंच फंस गया है। तीनों सदस्यों ने एक ही दिन एक ही समय पर ज्वाइन किया था। इसलिए तय ही नहीं हो पा रहा है कि वरिष्ठता का आधार क्या माना जाए। जेपीएससी में अभी तीन सदस्य हैं-अनिमा हांसदा, अजीता भट्‌टाचार्य और डॉ. जमाल अहमद। इन तीनों की नियुक्ति 25 सितंबर 2021 को हुई थी। इन तीनों ने तत्कालीन चेयरमैन अमिताभ चौधरी के समक्ष सुबह 11:47 बजे एक साथ ज्वाइन किया। यानी नियुक्ति की तिथि और ज्वाइन करने का समय एक है। इसी कारण तीनों की वरिष्ठता बराबर मानी जा रही है। इनमें से एक सदस्य का कार्यकाल इसी साल अक्टूबर में खत्म होगा, वहीं दो का अगले साल पूरा होगा।

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