डेस्कः यूपी कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद अपने अगले कदम को लेकर तस्वीर साफ कर दी है।उन्होंने कहा कि अब वह राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ेंगी। उनका कहना है कि वह आम लोगों के साथ मिलकर एक ऐसा राजनीतिक मंच खड़ा करना चाहती हैं, जिसका आधार जनता के सवाल और समस्याएं हों।
दिव्या मित्तल ने कहा कि कुछ दिन पहले आईएएस से इस्तीफा देने के बाद उनके सामने कई सवाल थे। लोग जानना चाहते थे कि आगे क्या करेंगी, किसके साथ जाएंगी और कहां से शुरुआत करेंगी।उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब देने में उन्हें कुछ समय लगा, क्योंकि वह खुद भी इस नए रास्ते के लिए तैयारी कर रही थीं। दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफे की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने अपने फैसले के पीछे निजी और पारिवारिक कारणों का उल्लेख किया था। उनका इस्तीफा 15 सितंबर से प्रभावी हुआ।

लोगों की आवाज बनना चाहती हूं- दिव्या
दिव्या मित्तल ने कहा कि लोगों ने मुझसे से कहा कि वे सबकुछ तो बन गई अब और क्या बनना चाहती हैं? इस पर उनका जवाब है कि वे राजनीति में आकर लोगों की आवाज बनना चाहती हैं। उन लोगों की आवाज जिनकी आवाज किसी ऑफिस तक नहीं पहुंच पाती और अगर पहुंच भी जाए तो सुनी नहीं जाती।उन लोगों की तरफ से मुझे अपने देश की आजादी के 80 सालों का जवाब चाहिए।
कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए। pic.twitter.com/mtS6gzBzRw
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) September 29, 2026
दिव्या मित्तल कौन हैं?
23 नवंबर 1983 को जन्मीं दिव्या मित्तल दिल्ली की रहने वाली हैं। ये दो बार यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास कर चुकी हैं। यूपीएससी 2011 में ऑल इंडिया लेवल पर 134वीं रैंक हासिल करके आईपीएस बनीं और यूपीएससी 2012 में 68वीं रैंक पाई। इनको बतौर आईएएस उत्तर प्रदेश कैडर मिला। दिव्या मित्तल के पति गगनदीप सिंह 2011 बैच के इंडियन ट्रेड सर्विस के अधिकारी रहे हैं। साल 2022 में गगनदीप सिंह ढिल्लों ने भी इस्तीफा दे दिया था। सिविल सेवा जॉइन करने से पहले दोनों ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की।





