पश्चिमी सिंहभूमः चाईबासा में एनएच-220 में नो एंट्री की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन और आदिवासियों की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार बीजेपी ने बंद बुलाया था। बंद का असर चाईबासा, सरायकेला-खरसावां में असर देखने को मिला। नो एंट्री की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और पथराव के बाद कई आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी की गई। बुधवार को रिहाई की मांग को लेकर चाईबासा के उपायुक्त चंदन कुमार को ज्ञापन सौंपने पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा सामाजिक संगठन के लोगों के साथ पहुंचे। इस दौरान ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और उपायुक्त के बीच तीखी बहसबाजी हो गई।
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Chaibasa: मीडिया पर टिप्पणी से नाराज़ हुए मधु कोड़ा
जानकारी के अनुसार, ज्ञापन सौंपने के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को लेकर की गई एक टिप्पणी पर मधु कोड़ा नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि, “नेता की बदौलत ही देश चलता है, नेता की बदौलत ही अधिकारी कुर्सी पर बैठते हैं। और मीडिया देश का चौथा स्तंभ है, उसके साथ गलत व्यवहार उचित नहीं है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रशासन को जनता की मांगों को संवेदनशीलता से लेना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जितने भी लोगों को पुलिस प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किया गया है, उन्हें बिना शर्त रिहा किया जाए, अन्यथा आने वाले दिनों में पूरे झारखंड में आंदोलन किया जाएगा और बंदी (Shutdown) का आह्वान किया जाएगा।
चाईबासा की घटना ने हेमंत सरकार की असली तस्वीर दिखा दी जहाँ प्रशासन अब जनता का नहीं, सत्ता का सेवक बन चुका है।
इसी संदर्भ में अपना विरोध व्यक्त करने हेतु बंदी के दौरान वरिष्ठ नेताओं और पीड़ितों के साथ उपायुक्त कार्यालय अपनी मांगों को लेकर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री श्री… pic.twitter.com/0MTdu38xlQ
— BJP JHARKHAND (@BJP4Jharkhand) October 29, 2025
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Chaibasa: उपायुक्त ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
वहीं, उपायुक्त चंदन कुमार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ज्ञात हो कि चाईबासा शहर में भारी वाहनों के आवागमन से जाम और दुर्घटनाओं की समस्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए स्थानीय लोग और संगठन नो एंट्री व्यवस्था लागू करने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं।








