पलामू के मेदिनीनगर में लगातार बारिश से आई बाढ़, कोयल नदी खतरे के निशान के पास

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August 14, 2026

पलामूः मेदिनीनगर में लगातार बारिश के बाद कोयल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। कोयल रिवर फ्रंट का पूरा हिस्सा पानी में समा गया है और नदी का पानी सड़क पर बह रहा है।मेदिनीनगर में कोयल नदी उफान पर है और जल स्तर 5.4 मीटर से अधिक है। जिला प्रशासन ने लोगों से नदी के पास नहीं जाने की अपील की है। एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर पुलिस माइकिंग कर लोगों को जागरूक कर रही है। सदर एसडीएम संजय पांडे ने बताया कि सीओ अमरदीप बल्होत्रा के नेतृत्व में गोताखोर और मजिस्ट्रेट की टीम तैनात की गई है।

दरअसल उत्तरी कोयल नदी में गुमला लोहरदगा एवं सिमडेगा के इलाके से पानी आता है। गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा के इलाके में लगातार बारिश होने के बाद शुक्रवार को पलामू में उत्तरी कोयल नदी पूरी तरह से उफान पर है। मेदिनीनगर के पहाड़ी बेलवाटिकर इलाके के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जबकि कई इलाकों में आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। पलामू का लाइफ लाइन माने जाने वाला शाहपुर पुल के पास कोयल नदी उफान पर है।

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बाढ़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और तटवर्ती इलाकों में पुलिस बल की तैनाती है।पुलिस लगातार लोगों से तटवर्ती क्षेत्र में नहीं जाने के लिए अपील कर रही है। नदी में पानी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग कोयल नदी के तटवर्ती की क्षेत्र में पहुंचे हैं। ट्रैफिक प्रभारी रूद्रानंद सरस ने बताया कि तटवर्ती क्षेत्र में निगरानी रखी जा रही है और लगातार लोगों को हटाया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग सेल्फी लेने के लिए तटवर्ती क्षेत्रों में जा रहे हैं।

तेज बारिश से लातेहार में कई जगह सड़क संपर्क टूटे
लातेहार जिले में गुरुवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई सड़कें टूट गई हैं। कई सड़कों पर पेड़ गिर जाने के कारण आवागमन प्रभावित हो गया है। बारिश के कारण जिले के विभिन्न इलाकों में पानी भर गया है. जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया. फिलहाल जिला प्रशासन बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने में जुट गया है।

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सुखाड़ की मार झेल रहे लातेहार में गुरुवार से शुरू हुई बारिश शुक्रवार की सुबह थोड़ी देर के लिए बंद जरूर हुई थी, लेकिन बाद में फिर से बारिश शुरू हो गई। बारिश से सबसे अधिक नुकसान बरवाडीह प्रखंड में हुआ है। यहां मूसलाधार बारिश के कारण प्रखंड क्षेत्र के लाभर-नावाडीह मुख्य सड़क टूट गई है। जिसके कारण सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गई है। इसी प्रकार जुरूहार गांव के घेटादोहर और कोरवा घाटी के बीच की सड़क ध्वस्त हो गई। जिसके कारण सैकड़ों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया।

बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के छेचा पंचायत अंतर्गत होरीलोंग मार्ग में भारी बारिश के कारण सड़क टूट गई। जिससे गांव का संपर्क भी टूट गया। इतना ही नहीं बारिश के कारण बरवाडीह प्रखंड सह अंचल कार्यालय का बाउंड्री भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस संबंध में बरवाडीह अंचल अधिकारी लवकेश सिंह ने कहा कि बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जहां भी जरूरत है, वहां तत्काल राहत कार्य भी आरंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न गांव से रिपोर्ट भी मंगाई जा रही है, ताकि आवश्यकता अनुसार राहत कार्य चलाया जा सके।

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मुख्य मार्गों पर भी गिरा पेड़, यातायात प्रभावित
रांची-लातेहार-पलामू मुख्य मार्ग एनएच-39 पर मनिका में विशाल पेड़ गिर जाने के कारण यातायात प्रभावित हुई है। हालांकि प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य चलाते हुए यातायात को सामान्य किया। वहीं लातेहार-सरयू मुख्य मार्ग पर घाटी में विशाल पेड़ गिर जाने के कारण यातायात प्रभावित हो गई है। यह मार्ग लातेहार से सरयू, गारू, महुआडांड़ और नेतरहाट को जोड़ता है। सड़क पर पेड़ गिर जाने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

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