रांचीः राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने री एडमिशन, फीस, किताब खरीदने की बाध्यता जैसे प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पूरे एक्शन मोड़ में है। उन्होने मनमानी करने वाले स्कूलों पर 50 हजार रुपये से लेकर ढ़ाई लाख रुपये तक जुर्माना लगाने के आदेश दिये थे। इसका असर अब देखने को मिल रहा है।
री-एडमिशन फी ली तो ढ़ाई लाख तक देना होगा जुर्माना, निजी स्कूलों को शिक्षा मंत्री की चेतावनी
शिक्षा मंत्री के गृह जिला पूर्वी सिंहभूम जिले में जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा अधीक्षक ने 78 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया है और उनसे अलग-अलग बिंदुओं पर जवाब मांगा है। जिला शिक्षा विभाग द्वारा एक पत्र जारी करते हुए कहा गया है कि झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम 2017 अध्याय-2 के नियम -75 (3) के अनुसार स्कूल भवन, संरचना या परिसर का उपयोग केवल शिक्षा के उद्देश्य के लिए किया जाएगा और स्कूल परिसर में शिविर लगाकर किताब या अन्य सामग्री (यूनिफॉर्म-जूते) की खरीद के लिए अभिभावक या छात्र-छात्राओं को बाध्य/ प्रेरित नहीं करने से संबंधित निर्देश है। इसके बावजूद स्कूल परिसर का उपयोग किताब बेचने के लिए किया जा रहा है।जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार व जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार पांडेय ने स्कूल प्रबंधकों से 3 अप्रैल तक अपना जवाब सौंपने को कहा है।
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जिला शिक्षा विभाग को यह शिकायत मिली है कि कई स्कूलों ने फीस के लिए तय गाइडलाइन का उल्लंघन किया है। यही कारण है कि प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों को तीन साल का रिकॉर्ड लिखित रूप में सबमिट करने को कहा गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि विद्यालय स्तरीय फीस निर्धारण समिति का कार्यकाल तीन वर्षों के लिए होता है, लेकिन कुछ स्कूल इस निर्देश का अनुपालन नहीं कर रहे हैं।




