पटना: चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में गर्ल्स हास्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में फारेंसिक की बायोलाजिकल रिपोर्ट अंतःवस्त्र से मानव स्पर्म का अवशेष प्राप्त होने के बाद SIT ने जांच का दायरा बढ़ दिया। रिपोर्ट ने छात्रा के साथ यौन हिंसा को बल दिया है। इसके बाद एफएसएल डीएनए प्रोफाइल तैयार कर चुकी है। इधर SIT अनुसंधान के क्रम में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हॉस्टल की बिल्डिंग के मालिक अभियुक्त के साथ-साथ चिन्हित 16 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों नमूना लिया गया।
कई और लोगों का लिया जा सकता है सैम्पल
सूत्रों की मानें तो मेडिकल बोर्ड की देखरेख में सभी को गर्दनीबाग अस्पताल लाया गया, जहां मजिस्ट्रेट की निगरानी में सभी का सैम्पल लिया गया, ताकि उनका डीएनए प्रोफाइल से मिलान किया जा सके। डीएनए रिपोर्ट एसआईटी की जांच की सबसे अहम कड़ी हो सकती है। इसके पूर्व एफएसएल की टीम बेउर जेल गई थी, जहां बिल्डिंग मालिक मनीष रंजन का नमूना लिया गया। अभी कई और लोगों का सैम्पल लिया जा सकता है।
पोस्टमार्टम व एफएसएल रिपोर्ट जांच की अहम कड़ी
छात्रा की मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया था कि यौन हिंसा से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसके बाद एसआईटी को फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार था। एफएसएल ने एसआईटी को बायोलॉजिकल रिपोर्ट सौंप दी। पटना पुलिस ने रिलीज जारी कर इसकी पुष्टि करते हुए बताया था कि मृतका के स्वजनों द्वारा 10 जनवरी को मृतका के कुछ वस्त्र पुलिस को उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें जब्त कर परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया। एफएसएल द्वारा किए गए परीक्षण के क्रम में कथित रूप से घटना के समय पहने गए एक अंतःवस्त्र से मानव स्पर्म के अवशेष प्राप्त हुए हैं। पुलिस ने बताया कि एफएसएल इसकी डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इसके बाद डीएनए से मिलान किया जाएगा।
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इस मामले की समीक्षा के दौरान अपर थानाध्यक्ष कदमकुआं अवर निरीक्षक हेमंत झा एवं थानाध्यक्ष चित्रगुप्तनगर अवर निरीक्षक रोशनी कुमारी को आसूचना संकलन एवं ससमय कार्यवाही करने में परिलक्षित हुई विफलता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसआईटी ने एम्स को सेकंड ओपिनियन के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट भेजी है।



