डेस्कः शिवसेना यूबीटी के नेता और पूर्व सांसद विनायक राउत की बहू गिरिजा राउत ने ठाणे के कपूरबावड़ी पुलिस स्टेशन में पूर्व सांसद के परिवार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। शिकायत में उनके पति और मुंबई नगर निगम के पार्षद गीतेश राउत, ससुर विनायक समेत सात लोगों पर घरेलू उत्पीड़न और काला जादू जैसे आरोप लगाए हैं। एफआईआर में जादू-टोना करने वाले आरोपी फिरोज और काजी बाबा के नाम भी शामिल हैं। गिरिजा का आरोप है कि ससुराल के लोगों ने जबरदस्ती गोमूत्र पीने के लिए मजबूर किया। इसके अलावा कथित तंत्र-मंत्र के तहत उनके बाल खींचे गए और उनपर काला जादू किया। परिवार वालों पर मानसिक, शारीरिक, आर्थिक प्रताड़ना का भी आरोप है।
शारीरिक संबंध बनाने में असमर्थ
गिरिजा राउत के द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2017 में उसकी शादी जितेश के साथ तय की गई थी, जबकि राउत परिवार को पता था कि जितेश शारीरिक संबंध बनाने में असमर्थ है। पीड़िता का आरोप है कि आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, केन्या और थाईलैंड जैसे देशों की यात्रा के दौरान जब भी शारीरिक संबंध बनाने न बनाने पर सवाल उठाया उसके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की गई। उसे बताया गया कि बाहरी बाधा रूकावट डाल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बाधा दूर करने के बहाने दो तथाकथित धर्मगुरुओं ने उसके साथ अश्लील हरकतें की। पीड़िता ने आरोप लगाया कि सास ने उसे मासिक धर्म रोकने वाली दवाएं जबरन दिया जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई।
पूर्व सांसद की सफाई
पूर्व सांसद विनायक राउत ने अपनी बहू द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे और बहू के तलाक की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। दोनों पक्षों के वकील के बीच बातचीत के दौरान गिरिजा ने टेरिस वाला तीन बेड रूम का फ्लैट, एक ऑटोमेटिक कार, हर महीने दो लाख रुपए गुजाराभत्ता और समझौते के तौर पर पांच करोड़ रुपये की मांग की थी लेकिन हमने कोई मांग नहीं मानी है। उन्होंने कहा कि उन्हें परेशान करने के लिए ये आरोप लगाए गए है।


