डेस्कः बिहार के रक्सौल में हाल ही में एक बहुत बड़ी घटना हुई, जो काफी चर्चा में रही है। हवाई अड्डा परिसर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान आयोजन समिति द्वारा भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने से रविवार को अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के कथास्थल पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू हो गई और हजारों लोग एक साथ पंडाल में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे।
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इस दौरान मुख्य गेट की रेलिंग टूट गई। भीड़ के दबाव में मची अफरातफरी में कई श्रद्धालुओं को चोटें आईं। दो महिलाएं बेहोश हो गईं, जबकि कई बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए। कुछ समय के लिए कथा स्थल पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज कर भीड़ को पीछे हटाना पड़ा।
श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति द्वारा बनाए गए वीआईपी पास और अलग व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब कथा सार्वजनिक है और बाजार व गांवों से चंदा वसूला गया है, तो वीआईपी व्यवस्था क्यों की गई।अधिक राशि देने वालों को अलग स्थान पर बैठाने से सामान्य श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति द्वारा लगाए गए निजी सुरक्षा गार्डों पर दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया।
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श्रद्धालुओं का कहना है कि कथा सभी के लिए है, बावजूद इसके वीआईपी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे बार-बार स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आयोजन समिति और प्रशासन ने सबक नहीं लिया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद ने बताया कि लाठीचार्ज नहीं किया गया है, केवल भीड़ को नियंत्रित किया गया।
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तैनात की गई पुलिस
मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल भी लगाया जाएगा। वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि भीड़ अधिक होने के कारण कुछ परेशानी हुई है। आयोजन समिति को रात भर में व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।आयोजन समिति की अध्यक्ष शिखा दास से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उल्लेखनीय है कि कथा स्थल पर खोए हुए बच्चों के लिए कोई पूछताछ काउंटर या हेल्प डेस्क की व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।




