नई दिल्ली: झारखंड के गवर्नर रहे चुके सीपी राधाकृष्णन होंगे एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद ये फैसला लिया गया है । सीपी राधाकृष्णन झारखंड और महाराष्ट के राज्यपाल रह चुके हैं । वे तमिलनाडु से आते हैं और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से उनका पुराना नाता है । बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसका एलान किया ।
1957 में तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे राधाकृष्णन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 70 के दशक में आरएसएस और जनसंघ से की थी। धीरे-धीरे वह भाजपा के अहम चेहरों में शामिल हुए और 1998 व 1999 में कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद चुने गए। इस दौरान उनकी पहचान एक साफ-सुथरे और जनता से जुड़े नेता के रूप में बनी।
2004 से 2007 तक उन्होंने भाजपा तमिलनाडु इकाई की कमान संभाली और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को लेकर व्यापक जनसंपर्क यात्राएँ कीं। इसके अलावा वह कॉयर बोर्ड के चेयरमैन भी रहे, जहाँ उनके नेतृत्व में भारतीय कोइर निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
झारखंड के राज्यपाल बनने के बाद राधाकृष्णन ने महज चार महीनों में सभी 24 जिलों का दौरा किया। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विश्वविद्यालयों में नया शैक्षणिक कैलेंडर लागू करने का सुझाव दिया और विकास योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर दिया। उन्होंने राज्यपाल पद पर रहते हुए खुद को राजनीतिक विवादों से दूर रखने और केवल विकास को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
मार्च 2024 में उन्हें तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया। इसके बाद जुलाई 2024 में वह महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल नियुक्त हुए। सी.पी. राधाकृष्णन का पूरा राजनीतिक सफर संगठन के अनुशासन, प्रशासनिक पारदर्शिता और विकास के मुद्दों पर केंद्रित रहा है। भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद अब वह संवैधानिक पदों पर अपनी नई भूमिका निभा रहे हैं।




