डेस्कः धनबाद उपायुक्त के खिलाफ मुख्य सचिव से जांच की मांग की गई है। मुख्य सचिव को की गई शिकायत में तितली फाउंडेशन नामक संस्था को काम देने के लिए टेंडर शर्तें निर्धारित करने का आरोप लगाया गया है। बीच में टेंडर शर्तों को बदलने का आरोप लगाया गया है। साथ ही इस पूरे प्रकरण की निगरानी (ACB) जांच की मांग की गयी है।
मुख्य सचिव को भेजे गये शिकायती पत्र में कहा गया है कि धनबाद जिले में कल्याण विभाग की इकाई द्वारा 200 आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत सेविका, सहायिका और पोषण सखियों को प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को और ज्यादा विकसित करने (UPSKILLING) के लिए टेंडर प्रकाशित किया गया है। इस टेंडर की शर्तों को DMFT के PMU द्वारा तैयार किया गया है।
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टेंडर की शर्तों को कुछ इस तरह के निर्धारित किया गया है कि काम Management & Entrepreneurship and Professional Sector Skill Council (MEPSC) को मिले। तितली फाउंडेशन MEPSC की ट्रेनिंग पार्टनर होगी। उपायुक्त के निर्देश पर निर्धारित टेंडर शर्तों के अनुसार प्रशिक्षण का काम MEPSC को मिलेगा और तितली फाउंडेशन प्रशिक्षण का काम करेगी।आरोपों में कहा गया है कि तितली फाउंडेशन को कोडरमा में भी इसी तरह का काम दिया गया था, जब आदित्य रंजन वहां के उपायुक्त थे। कोडरमा में भी टेंडर प्रकाशित होने के बाद योग्यता की शर्तों में बदलाव किया गया।
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मुख्य सचिव के भेजे गये शिकायती पत्र में यह भी कहा गया है कि तितली फाउंडेशन के संस्थापक प्रांजल मोदी ,आदित्य रंजन के पोस्टिंग के बाद कई बार धनबाद आकर DMFT के PMU से बातचीत कर चुके हैं। उनका आदित्य रंजन के साथ पहले से गहरा संबंध है। शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने मुख्य सचिव से इस पूरे प्रकरण में ACB से जांच कराने की मांग की है।




