रांचीः झारखंड में हुए ट्रेजरी घोटाले में CID ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी ने बोकारो एसपी ऑफिस में कार्यरत एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। ट्रेजरी से अवैध रूप से राशि निकासी के चर्चित मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अहम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सीआईडी द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल अशोक कुमार भंडारी को दबोच लिया है।अशोक कुमार भंडारी बोकारो जिले में सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त थे। उन पर ट्रेजरी से अवैध तरीके से वेतन निकासी में संलिप्तता का आरोप है।

प्रभावी जांच के लिए SIT का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम पूरे घोटाले की गहराई से जांच कर रही है। जांच के दौरान पता चला कि अशोक कुमार भंडारी, पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का करीबी सहयोगी था। कौशल कुमार पांडेय के खाते से अशोक कुमार भंडारी के खाते में करीब 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
फर्जी कमान बनाकर निकाले जाते थे टीए बिल
सीआईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी मिलकर गलत तरीके से कमान (प्राधिकृत दस्तावेज) जारी करते थे। इन्हीं फर्जी कमानों के आधार पर टीए बिल (यात्रा भत्ता बिल) की निकासी की जाती थी। बताया गया है कि वर्ष 2020 से लेकर अब तक इस तरीके से लगातार रकम निकाली जाती रही। जांच एजेंसी के अनुसार, अशोक कुमार भंडारी के बैंक खाते के माध्यम से ही 1.11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की निकासी की गई।



