रांचीः मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद मुख्यसचिव अविनाथ कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं। जल जीवन मिशन योजना को गति दें।राज्य के हरेक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना प्राथमिकता। प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने को लेकर लोगों को जागरूक करें।
मुख्यमंत्री ने बैठक में दिये कई निर्देश
– जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए समयबद्ध तरीके से हर घर तक नल से जल पहुंचाने का काम करें।
– पेयजल संकट की संभावना वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी कर समाधान सुनिश्चित करें।
– जलापूर्ति योजनाओं की real-time मॉनिटरिंग एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करें।
– राज्य की जल सहियाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने हेतु संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करें।
– वर्षा जल संचयन एवं रिचार्ज पिट आदि के माध्यम से भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करें।
– अनुपयोगी चापाकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पिट के रूप में कर जल संरक्षण को बढ़ावा दें।
– प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
– जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी कर सभी नागरिकों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाए।
– प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाने तथा बेहतर कार्य करने वाले गांवों को प्रोत्साहित करें।


