रांचीः गुरुवार को धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों, दन्त चिकित्सकों और एनएचएम द्वारा चयनित संविदा आधारित चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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नियुक्ति पत्र सौंपने के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को उनकी जिम्मेदारियों और उनके सम्मान का भी आभास कराया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने डॉक्टरों की तुलना भगवान से की और कहा कि आप सभी लोग भगवान स्वरूप पद को ग्रहण करने जा रहे हैं। कई उम्मीद-आशाएं आप लोगों से होती हैं और यह स्वाभाविक है जिसका जो काम उसको वह सम्मान। मानव जीवन में डॉक्टरों को भगवान का सम्मान मिला है और इसी आशा-उम्मीद के साथ आप सभी लोग अपने-अपने कार्य क्षेत्र में एक बेहतर प्रदर्शन करेंगे।मैं तो चाहूंगा कि विभाग समय-समय पर आंकलन करें और चरणबद्ध तरीके से जो बेहतर प्रदर्शन करेंगे उन्हें हम सम्मानित करने का भी कार्य करेंगे। इसलिए आप सभी लोगों को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं और राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग करने के लिए आप सभी का आभार।
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मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग को और मजबूत करने के दिशा में यह एक बड़ा कदम है। जेपीएससी और एनएचएम के जरिए आप सभी का चयन हुआ है। आप सभी लोग चिकित्सक हैं। आप लोगों के कंधों पर इस राज्य के गरीब लोगों की सेवा करने की जिम्मेदारी आने वाली है। हम सब इस बात को कहते हैं, और मानते भी हैं कि मनुष्य डॉक्टर को भगवान मानते हैं। आप सोचिए कि आप लोगों से सभी को कितनी आशाएं और उम्मीदें होती हैं।उन्होंने आगे कहा कि सरकार मुख्य रूप से असहाय, कमजोर, गरीब-गुरुबा लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं रखती है। सिर्फ संवेदनाएं रखने से काम नहीं चलता बल्कि संवेदनाएं दिखनी भी चाहिए।यही वजह है कि सरकार की तरफ से व्यवस्थाएं बनाई जाती हैं ताकि आप लोगों का सहयोग लेकर राज्य में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था बहाल किया जा सके।आप सभी लोग देख भी रहे हैं कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज अलग-अलग तरीके की चुनौतियां सामने आ रही हैं।
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आज बच्चे मोबाइल देखते-देखते बीमार हो रहे हैं। पर्यावरण दूषित होने की वजह से स्वास्थ्य की समस्या हो रही हैं। समस्याएं भी उत्पन्न हम लोग कर रहे हैं और इन समस्याओं का समाधान भी हमें ही करना होगा।हम जानते हैं कि हमारे पास सीमित संसाधन हैं, लेकिन सीमित संसाधनों में भी बहुत कुछ किया जा सकता है, बस संकल्प शक्ति और उसको करने का जुनून अपने अंदर होना चाहिए।





