चतरा के सियासी मैदान में उतरे एम्स दिल्ली के डॉक्टर अभिषेक, नामांकन में जुटी भीड़, जीत का किया दावा

चतरा कालीचरण सिंह और डॉक्टर अभिषेक

चतराः  लोकसभा क्षेत्र से एम्स के नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर अभिषेक सिंह ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है । पिछले कई वर्षों से इलाके में लोगों  की आंखों को इलाज कर रहे डॉक्टर अभिषेक सिंह का दावा है कि उनके पास चतरा की आंखों पर पड़े पिछड़ेपन के मोतियाबिंद का इलाज है । नामांकन से पहले मीडिया से बातीत करते हुए उन्होंने चतरा की समस्याएं औऱ उसका समाधान बताया  । अपने नामांकन से पहले उन्होंने चतरा के ऐतिहासिक फांसी तालाब में शहीदों को याद किया और श्रद्धांजलि दी।

चतरा में करेंगे चमत्कार !

डॉक्टर अभिषेक सिंह ने कहा कि चतरा में बड़ी पार्टियों का विनाश उनके हाथों होना शायद लिखा है । उन्होंने ये भी कहा कि चतरा में भी जीतने भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं उससे बाहरी लोगों को रोजगार मिल रहा है । डॉक्टर अभिषेक सिंह ने इलाके की समस्याओं के लिए सांसद, नेताओं को जिम्मेदार बताते हुए दावा किया कि उनके जीतने के बाद  चतरा का विकास होगा । मूलभूत सुविधाओं के समेत माफियाराज पर लगाम लगाने की कोशिश की जाएगी।

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AIIMS के डॉक्टर करेंगे सपना पूरा

अभिषेक सिंह  युवा डॉक्टर  हैं। जोश से लबरेज । लामकाफ से दूर और सबसे बड़ी बात राजनीति  में आने की इच्छा, चुनाव लड़ने का जज्बा  और कुछ कर गुजरने की चाहत ।  ये सारे मेल बहुत ही कम मिलते हैं ।  डॉक्टर अभिषेक मूल रुप से रांची के रहने वाले हैं और चतरा में पिछले कई वर्षों से अपना दायरा बढ़ा रहे हैं । इलाके में घूम-घूम कर लोगों की आंखों का इलाज करते हैं, गरीबों को चश्मा देते हैं । उनकी इस दरियादिली के कायल  पूरा चतरा संसदीय क्षेत्र हैं। सैकड़ों बुजुर्ग तो उन्हें अपने आंखों का चिराग मानते हैं । सोशल मीडिया पर भी उनके अच्छे खासे फैन फॉलोवर्स हैं ।  सिद्धांतवादी होने की वजह से किसी तरह का राजनीतिक संरक्षण हासिल नहीं होने की वजह से एकला चलो की राह पकड़ी है और चुनावी मैदान में किस्मत आजमा कर चतरा का उसका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध नजर आते हैं  

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हांलाकि चुनावी राजनीति में लोकप्रियता के साथ-साथ जाति औऱ पार्टी का सिंबल भी बहुत मायने रखता है । मगर चतरा पहले भी निर्दलीय को संसद भेज चुकी है । देखना यह है कि इस बार किसकी किस्मत में संसद जाना लिखा है ।

 

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