रांचीः बोकारो, हजारीबाग और रांची के बाद अब चाईबासा ट्रेजरी में भी पुलिस विभाग के खातों में फर्जी तरीके से करीब 45 लाख रुपए की निकासी का मामला सामने आया है। इस मामले में चाईबासा पुलिस ने शनिवार को एसपी ऑफिस में पूर्व में पदस्थापित सिपाही देवनारायण मुर्मू, उसके दो रिश्तेदारों और एक दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की। चारों से दिनभर एसपी ऑफिस में पूछताछ होती रही। चाईबासा डीसी मनीष कुमार के निर्देश पर मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित की गई है। इसमें एडीसी प्रवीण कुमार, सदर एसडीपीओ संदीप अनुराग, दो डीएसपी और वित्त मामलों के विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम विछले दस वर्षो के पेंशन, वेतन और अन्य निकासी से जुड़े रिकार्ड की जांच कर रही है। सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक एसपी ऑफिस में फाइलों की पड़ताल की गई।
इधर, एसपी अमित रेनू ने भी एसडीपीओ से फाइलें मंगाकर कई बैंकों में जांच कराई। इस दौरान वेतन से संबंधित डेट और पेंशनभोगियों के खातों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में 2016 से 2022 के बीच पेंशन, वेतन और अन्य मद में 30 से 45 लाख रुपए तक की फर्जी निकासी की आशंका जमाई गई है। यह वित्तीय अनियमितता का मामला है, इसलिए अलग-अलग चरणों में जांच की जा रही है। कई संदिग्धों से पूछताछ चल रही है और एक स्वतंत्र एजेंसी भी जांच कर रही है। फर्जी ट्रांजेक्शन की रिकवरी की जाएगी। जांच में जो दोषी पाए जाएंगे, उप पर केस दर्ज होगा।



