डेस्कः बिहार के चर्चित पत्रकार राजदेव रंजन हत्या कांड में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाया है। नौ साल बाद केस का फैसला आया है जिसमें अजहरुद्दीन बेग उर्फ लड्डन मियां सहित तीन को कोर्ट ने बरी कर दिया है। इस केस में अदालत ने तीन अन्य अभियुक्तों दोषी करार दिया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-3 नमिता सिंह के विशेष सीबीआई कोर्ट फैसला सुनाया।
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13 मई, 2016 की शाम सीवान में ‘हिन्दुस्तान अखबार’ के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजदेव रंजन घटना के दिन शाम को अपने दफ्तर से काम पूरा करने के बाद एक रिश्तेदार को देखने अस्पताल में गए थे। वहां से लौटते समय अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां मार दी थी। एक गोली उनकी आंखों के बीच और दूसरी गर्दन पर लगी थी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। आनन फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था।
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राजदेव की पत्नी आशा यादव के बयान पर सीवान नगर थाना में अज्ञात पेशेवर शातिरों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। इस हत्या कांड में सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का नाम उछला था। मामले की पहले पुलिस ने जांच की। पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को छोड़कर अन्य 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी।इस मामले में गुरुवार को ही फैसला सुनाया जाना था। लेकिन कांड के एक अभियुक्त विजय कुमार गुप्ता बीमार होने के कारण उपस्थित नहीं हुआ। इस वजह से शनिवार तक के लिए फैसला टाल दिया गया।




