धनबाद : गैंगस्टर फहीम खान पर वर्ष 2004 में हुए जानलेवा हमले के मामले में शनिवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने मामले के आरोपित साबीर आलम के भाई साहिब आलम, शहादत हुसैन एवं पटना निवासी कथित शूटर तनवीर आलम को उम्रकद एवं 20 हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया है। 28 सितंबर को अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया था। अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए तीन अक्टूबर की तारीख निर्धारित की थी, 29 जनवरी 2004 की रात वासेपुर स्थित कमर मखदूमी रोड में फहीम खान पर एके-47 समेत अत्याधुनिक हथियारों से हमला किया गया था। हमले में फहीम खान ने पड़ोसी की छत से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई थी। घटना में शाहिद के पैर में गोली लगी थी। घटना के बाद पुलिस ने मौके से एके-47 की मैगजीन समेत अन्य हथियार व गोलियां बरामद की थी।
फहीम खान की ओर से दर्ज प्राथमिकी में कुल 12 लोगों को आरोपित बनाया गया था। इनमें तीन आरोपियों की ट्रायल के दौरान मौत हो गई, जबकि साबिर आलम, जावेद आलम उर्फ बाबू, साकेत अफजल और मुन्ना समेत अन्य आरोपियों को फरार घोषित कर उनके खिलाफ ट्रायल चलाया जा रहा है। मामले में वादी फहीम खान, उसके भाई शेर खान तथा शाहिद, कमर, आफताब, मंसूर, शाहिद शानो सहित अन्य गवाहों की गवाही अदालत में हुई ।अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120-बी और 149 के तहत तीनों को आजीवन कारावास की सजा दी है। वहीं, आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत सात साल और धारा 307 के तहत दस साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने सभी सजाओं को एक साथ चलाने का निर्देश दिया है।





