बजट 2026-27: उद्योग से लेकर गरीब तक—विकसित भारत की विस्तृत रूपरेखा

Picture of Live Dainik

Live Dainik

February 1, 2026

आम बजट 2026: निर्मला सीतारमण पेश कर रही हैं देश का बजट Live

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में बजट 2026-27 पेश कर एक ऐतिहासिक पहल की। यह पहली बार है जब देश का आम बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया गया। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने घरेलू निर्माण, ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, एमएसएमई, अवसंरचना और वित्तीय सुधारों को केंद्र में रखते हुए “विकसित भारत” की विस्तृत रूपरेखा सामने रखी।

वित्त मंत्री ने कहा कि बीते एक दशक में सुधारों की निरंतरता ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है और अब सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।

बदलता स्वास्थ्य परिदृश्य, बायोफार्मा शक्ति पर जोर

वित्त मंत्री ने देश में तेजी से बदलते रोग पैटर्न की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि भारत में अब गैर-संचारी रोगों—जैसे डायबिटीज़, कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियाँ—तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में जैविक दवाएँ (Biologics) लंबी उम्र और बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

See also  450 करोड़ में बने Jabalpur Airport की शेड गिरी, बाल-बाल बचे टैक्स कमिश्नर; हैरान करने वाल वीडियो

भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के उद्देश्य से सरकार ने “बायोफार्मा शक्ति” पहल की घोषणा की है। इसके तहत अगले पाँच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसका लक्ष्य देश में जैविक दवाओं के घरेलू उत्पादन, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, अनुसंधान एवं कुशल मानव संसाधन को बढ़ावा देना है।

उद्योग और विनिर्माण को नई गति

बजट में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, कैपिटल गुड्स और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया।
भारत सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों को बढ़ावा दिया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का परिव्यय बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।

इसके साथ ही रेयर अर्थ मैग्नेट, केमिकल पार्क, हाई-टेक टूल रूम और कंटेनर निर्माण योजना के जरिए भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला में मजबूत भागीदार बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

वस्त्र, खेल सामग्री और पारंपरिक उद्योगों को समर्थन

रोजगार-प्रधान वस्त्र क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय फाइबर नीति, टेक्सटाइल विस्तार एवं रोजगार योजना और हथकरघा-हस्तशिल्प कार्यक्रम को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने की घोषणा की गई।
इसके साथ ही भारत को खेल सामग्री का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए एक समर्पित पहल लाई जाएगी।

200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार का भी प्रस्ताव है, जिससे पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक और बाज़ार तक पहुँच मिल सके।

See also  70 लाख के ब्राउन शुगर के साथ पिता व दो पुत्र समेत तीन गिरफ्तार

एमएसएमई को विकास का इंजन

वित्त मंत्री ने एमएसएमई को अर्थव्यवस्था का मुख्य इंजन बताते हुए इक्विटी, तरलता और संरचनात्मक सुधारों पर आधारित तीन-स्तरीय रणनीति पेश की।
भविष्य के चैंपियन एसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड और आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

TReDS को सार्वजनिक उपक्रमों की एमएसएमई खरीद के लिए अनिवार्य किया जाएगा, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।

अवसंरचना और पूंजीगत व्यय में निरंतर बढ़ोतरी

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है।
निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा सात शहरों को जोड़ने वाली हाई-स्पीड रेल योजना की भी घोषणा की गई।

बैंकिंग, निवेश और कर सुधार

बजट में “विकसित भारत के लिए बैंकिंग” पर एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की गई है।
विदेशी निवेश नियमों को सरल और आधुनिक बनाया जाएगा, जबकि कॉरपोरेट और म्युनिसिपल बॉन्ड बाजार को गहराई देने के उपाय किए गए हैं।

प्रत्यक्ष कर मोर्चे पर नया आयकर अधिनियम, 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। कर नियमों को सरल बनाते हुए आम करदाताओं के लिए Ease of Living बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

See also  लोहरदगा में नदी की धार ने बुझाया घर का चिराग, 500 मीटर दूर मिला शव

सेवा क्षेत्र, कौशल और रोजगार पर फोकस

सरकार अब सेवा क्षेत्र को विकास का नया आधार बनाने जा रही है। इसके लिए शिक्षा से रोजगार तक एक स्थायी उच्च-स्तरीय समिति बनाई जाएगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स, केयरगिवर्स और मेडिकल वैल्यू टूरिज़्म को बढ़ावा देने की योजनाएँ घोषित की गई हैं।

शिक्षा, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण

शिक्षा क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोरों के पास नए शैक्षणिक हब, छात्राओं के लिए छात्रावास और खगोल विज्ञान अवसंरचना के विस्तार का प्रस्ताव है।
पर्यटन को रोजगार का बड़ा स्रोत मानते हुए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी, प्रशिक्षित टूर गाइड और डिजिटल डेस्टिनेशन नॉलेज ग्रिड की घोषणा की गई।

पर्यावरण संरक्षण के तहत बिग कैट संरक्षण, इको-टूरिज़्म और पर्वतीय व तटीय ट्रेनों की योजनाएँ सामने आईं।

कृषि, ग्रामीण विकास और समावेशन

कृषि में उच्च-मूल्य फसलों, बागवानी, नारियल, काजू, कोको और चंदन इकोसिस्टम को समर्थन दिया जाएगा।
ग्रामीण महिलाओं के लिए “श्री मार्ट्स”, दिव्यांगजनों के लिए कौशल और सहायक तकनीक, तथा मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर पर विशेष फोकस रखा गया है।

राजकोषीय अनुशासन और वित्तीय स्थिति

सरकार ने 2030-31 तक ऋण-GDP अनुपात 50% के आसपास लाने का लक्ष्य दोहराया।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा GDP का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now